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ईरान और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत के लिए एक बहुत बड़ी महा-खुशखबरी (Hormuz Reopens India LNG Supply) सामने आई है. रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलते ही वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत का डंका बज गया है. महीनों से होर्मुज में फंसे तेल और गैस से लदे जहाजों की भारत की तरफ रवानगी शुरू हो चुकी है.
बता दें कि इस महा-सप्लाई चेन में पहला जहाज ‘दिशा’ 62,000 क्यूबिक टन एलएनजी (LNG) लेकर होर्मुज पार कर भारत के सफर पर निकल चुका है, जबकि इसके पीछे 34 अन्य विशाल जहाजों का रास्ता भी पूरी तरह साफ हो गया है. इसी बीच, दुनिया के सबसे बड़े गैस निर्यातक कतर ने भी भारत के लिए अपना खजाना खोलने का बड़ा ऐलान कर दिया है.
बिजनेस समाचार आउटलेट ब्लूमबर्ग (Bloomberg) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कतर की सरकारी ऊर्जा दिग्गज ‘कतर एनर्जी’ ने अपने वैश्विक खरीदारों को सूचित किया है कि होर्मुज के सुरक्षित रूप से खुलते ही वह रिकॉर्ड रफ्तार से गैस का उत्पादन बढ़ाएगा.
कतर की योजना के अनुसार, महज एक महीने के भीतर वह अपनी एलएनजी उत्पादन क्षमता को 50 फीसदी तक बहाल कर देगा, जिसे अगले महीने बढ़ाकर सीधे 80 फीसदी तक पहुंचा दिया जाएगा. इसका सबसे सीधा और बड़ा फायदा भारत जैसे विशाल आयातक देश को मिलने जा रहा है.
बता दें कि कतर का रास लाफान (Ras Laffan) एलएनजी कॉम्प्लेक्स दुनिया की सबसे बड़ी गैस निर्यात सुविधा है, जहां से पिछले साल वैश्विक बाजार की कुल LNG आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा भेजा गया था. लेकिन मार्च में हुए ईरानी मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय युद्ध के कारण इस संयंत्र की दो बड़ी इकाइयों को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे पूरी दुनिया में गैस की किल्लत हो गई थी. हालांकि विशेषज्ञों का मानना था कि इसकी मरम्मत में सालों लगेंगे, लेकिन कतर द्वारा महज दो महीने में 80% क्षमता हासिल करने का दावा ऊर्जा बाजार के लिए एक चमत्कार से कम नहीं है.
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दरअसल भारत अपनी ऊर्जा और उद्योगों की जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा आयातित एनएलजी से पूरा करता है, जिसमें कतर हमारा सबसे भरोसेमंद साझेदार है. वहीं अब कतर से गैस की यह तूफानी सप्लाई शुरू (Hormuz Reopens India LNG Supply) होते ही भारत में बिजली उत्पादन, बड़े उद्योगों और शहरों में सीएनजी-पीएनजी वितरण पर चल रहा भयंकर दबाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की कीमतों में आने वाली इस भारी गिरावट का सीधा फायदा भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ती गैस और मजबूत ऊर्जा सुरक्षा के रूप में मिलने जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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