Donald Trump On Israel Iran Conflict: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) की धरती एक बार फिर भीषण बारूद की गंध से भर गई है. शनिवार सुबह इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला बोला है. इस हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं. उनका संदेश ‘लाउड एंड क्लियर’ है कि यह सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि ईरान की मौजूदा सत्ता और उसकी सैन्य शक्ति को जड़ से उखाड़ फेंकने का एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन है.
हमले की पुष्टि करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सेना (IRGC) और वहां के हुक्मरानों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि अपनी क्रूर सत्ता को बचाने की कोशिश छोड़ दो. या तो हथियार डाल दो, वरना पक्की मौत का सामना करने के लिए तैयार रहो. ट्रंप ने ईरानी नागरिकों को भी एक बड़ा इशारा करते हुए कहा कि जब अमेरिकी सेना अपना काम पूरा कर ले, तो वे अपनी सरकार पर खुद कब्जा कर लें. इससे साफ है कि अमेरिका का अंतिम लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन करना है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में उन कारणों को स्पष्ट किया, जिसके चलते यह भीषण हमला किया गया है. उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से तीन बड़े लक्ष्यों को सामने रखा है. ट्रंप ने दोहराया कि ईरान कभी भी परमाणु शक्ति नहीं बन सकता. अमेरिका उसके परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर देगा. उन्होंने कहा कि ईरान लंबी दूरी की मिसाइलें बना रहा था, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा हैं. हम उनके मिसाइल उद्योग को जमीन में मिला देंगे. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि ईरान की नौसेना को पूरी तरह तबाह कर देंगे.
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रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली वायुसेना और अमेरिकी कमांड ने मिलकर ईरान के 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है. इस बार का हमला पिछले साल के हमलों से कहीं ज्यादा व्यापक और कई चरणों (Waves) में होने वाला है. तेहरान में इंटेलिजेंस मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का परिसर और ईरान के एटॉमिक एनर्जी संगठन (परमाणु केंद्र) पर सफल स्ट्राइक की गई है. इजरायल ने इसे एक ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ बताया है, जिसका मकसद ईरान की ओर से होने वाले संभावित हमलों को पहले ही कुचल देना है.
लगातार हो रहे हवाई हमलों के बीच ईरान ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं. ईरानी अधिकारियों ने वैश्विक मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी जवाबी कार्रवाई की तैयारी पूरी है. उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान का पलटवार ‘कुचल देने वाला’ होगा और वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा.
डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रुख और ‘ईरान को खत्म करने’ के संकल्प ने मिडिल ईस्ट को महायुद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है. अमेरिका अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि पूरी तरह आक्रामक मोड में है. ट्रंप का यह ‘क्लियर मैसेज’ संकेत देता है कि आने वाले दिन ईरान के लिए अस्तित्व की लड़ाई होने वाले हैं.
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