Iran US War Update: पश्चिम एशिया की धरती इस समय बारूद के ढेर पर बैठ चुकी है और अमेरिका व ईरान के बीच चल रही जंग अब पूरी तरह से बेकाबू होकर तबाही के नए रिकॉर्ड बना रही है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने एक बेहद सनसनीखेज बयान जारी करते हुए बताया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर अमेरिकी सेना ने शनिवार की शाम ठीक छह बजे ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे विनाशकारी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं.
यह लगातार आठवीं रात है जब अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान की धरती को हिला( US Airstrikes on Iran) कर रख दिया है. इस भीषण कार्रवाई का मुख्य मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरानी नौसेना की कमर तोड़ना और अमेरिकी सैनिकों की मौत का खूनी बदला लेना है.
इस महायुद्ध में अमेरिका को अब तक का सबसे गहरा और दर्दनाक जख्म लगा है. जॉर्डन में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरान की तरफ से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों के हमले में दो अमेरिकी सैनिक मौके पर ही मारे गए हैं, जबकि एक अन्य सैनिक का अभी तक कोई अता-पता नहीं है और वह लापता बताया जा रहा है. इस भीषण हमले में चार अन्य अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से जख्मी हुए थे जिन्हें जॉर्डन के मिलिट्री अस्पतालों में भर्ती कराया गया था.
अमेरिका की इस लगातार आठ दिनों की बमबारी से बौखलाए ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आकर अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप को बेहद खौफनाक लहजे में खुली चेतावनी दे डाली है. खामेनेई ने सीधे शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका ने अपनी इन ओछी हरकतों और हवाई हमलों को तुरंत नहीं रोका, तो ईरान उसे ऐसा सबक सिखाएगा जिसे पूरी अमेरिकी हुकूमत अपनी आने वाली नस्लों तक कभी भूल नहीं पाएगी.
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पेंटागन के आदेश पर अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के युद्धपोतों ने ईरान को घुटनों पर लाने के लिए उसके सबसे संवेदनशील ठिकानों को अपना निशाना (US Airstrikes on Iran) बनाया है. शनिवार रात को हुई ताबड़तोड़ बमबारी में ईरान के कई हाई-टेक सर्विलांस केंद्रों, मिलिट्री लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और समंदर में मौजूद उनकी नौसैनिक क्षमताओं को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर दिया गया है.
सबसे बड़ी बात यह है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी की सटीक लोकेशन के आधार पर ईरान के उन बेहद गुप्त भूमिगत हथियार भंडारों को मिसाइलों से उड़ा दिया गया है, जहां ईरान ने अपनी सबसे खतरनाक मिसाइलें और ड्रोन छिपाकर रखे हुए थे. इस चौतरफा हमले से ईरान के रक्षा तंत्र को अरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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