दुनिया

अमेरिका आएगा तो 2 पैरों पर, लेकिन…ईरान ने दे दी ट्रंप को तगड़ी धमकी, थर्राने लगे ‘अंकल सैम’

Iran US Conflict: जॉर्डन पर ईरानी हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर मिसाइलों की बौछार कर दी. इस हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कई ठिकाने तबाह हो गए. अमेरिका के इस हमले को लेकर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ईरान के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मौजूद खर्ग आइलैंड पर अमेरिका कब्जा करना चाहता है. अगर वो ऐसा करता है तो अमेरिका का एक भी सैनिक जिंदा वापस नहीं जाएगा.

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खर्ग आइलैंड पर कब्जे की बात कही थी. जिसपर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका खर्ग आइलैंड पर कब्जे की कोशिश करता है, तो उसके एक भी सैनिक जिंदा वापस नहीं लौटेगा.

अमेरिका का कर रहे इंतजार

बघाई ने कहा कि ईरान में ऐसे लोग हैं जो अमेरिकी सैनिकों का इंतजार कर रहे हैं. वो खर्ग आइलैंड और आसपास उनका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

बता दें कि, खर्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में ईरान के बुशहर प्रांत के तट से करीब 55 किलोमीटर दूर मौजूद है. इसे ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यातक केंद्र कहा जाता है. खर्ग आइलैंड रणनीतिक रूप से ईरान का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में गिना जाता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान का 80-90 प्रतिशत क्रूड ऑयल यहीं से आता है.

खर्ग आइलैंड की लोडिंग कैपिसिटी रोजाना लगभग 70 लाख बैरल है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि इसकी टोटल स्टोरेज कैपिसिटी करीब 3 करोड़ बैरल है.

सपोर्ट में आए हूती विद्रोही

वहीं ईरान पर हो रहे अमेरिकी हमले के विरोध में यमन के हूती विद्रोही भी आ गए हैं. हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा की है.

ये भी पढ़ें- ‘CJP प्रोटेस्ट’ के बीच कैसी है संसद की सिक्योरिटी? 2001 के आतंकी हमले के बाद कितना बदला सुरक्षा घेरा, जानें पूरी डिटेल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हूति विद्रोही अब सऊदी अरब को घेरने की तैयारी में हैं. इसके लिए वो बाब अल मंदेब स्ट्रेट पर नाकाबंदी कर सकते हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

चिता की आग और मोक्ष की नगरी, क्या आपने देखी है बनारस की इस दुनिया की असली तस्वीर?

बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…

36 minutes ago

नहीं रहे वेलकम फेम मुश्ताक खान, 56 साल की उम्र में कैंसर से हारे जंग, इंडस्ट्री में शोक की लहर

Mushtaq Khan Passed Away: बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान का 75 साल की उम्र में निधन…

41 minutes ago

सपनों के आशियाने के लिए पीएफ से निकालें पैसा: बदल गए EPF निकासी के नियम

EPF Scheme 2026 के नए नियमों के तहत अब मात्र 12 महीने की नौकरी के…

50 minutes ago

टैरिफ वॉर के बीच दुश्मनी भूल दोस्त बने ट्रंप-जिनपिंग? व्हाइट हाउस में हाथ मिलाते ही कर दिया बड़ा ऐलान

Donald Trump Xi Jinping White House Meeting: व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और…

1 hour ago

CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते-साधते उद्धव ठाकरे की पार्टी पर क्या बोल गए अभिजीत दिपके?

Election Commission Controversy: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग और…

1 hour ago

कौन थीं भीकाजी कामा? जिन्होंने जर्मनी में फहराया था आज़ादी का झंडा, जानिए विदेशी धरती से कैसे हिलाया था ब्रिटिश शासन

आज भारत की स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका मैडम भीकाजी रुस्तम कामा की जयंती है. वे…

2 hours ago