Israel Attack On Lebanon: अभी कल ही दुनिया ने अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के सीजफायर की खबर सुनकर राहत की सांस ली थी, लेकिन वह खुशी चंद घंटों में ही मातम में बदल गई. दरअसल सीजफायर लागू होने के कुछ ही देर बाद इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे भीषण हमला कर दिया है. महज 10 मिनट के भीतर बेरूत समेत पूरे देश में 100 से ज्यादा ठिकानों को खंडहर बना दिया गया. इस हमले में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 1100 से ज्यादा लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.
बुधवार दोपहर बेरूत की सड़कें अचानक पांच बड़े धमाकों से दहल उठीं. इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया कि उन्होंने हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया है, लेकिन तबाही का मंजर कुछ और ही कहानी कह रहा है. आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं. सिविल डिफेंस सर्विस के मुताबिक, अकेले बेरूत में 91 लोग मारे गए हैं. हालात इतने खराब हैं कि एम्बुलेंस कम पड़ गईं और घायलों को बाइक पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा.
हिजबुल्लाह के नेता इब्राहिम अल मौसावी ने गुस्से में कहा कि उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि लेबनान भी इस 14 दिनों के समझौते का हिस्सा है. इसी भरोसे पर हिजबुल्लाह ने अपने हमले रोक दिए थे, लेकिन इजरायल ने इस ‘अल्प विराम’ का फायदा उठाकर नरसंहार कर दिया. वहीं, लेबनान के दक्षिण को बाकी देश से जोड़ने वाला आखिरी पुल भी इजरायल ने तोड़ दिया है, जिससे लाखों लोग अब मौत के जाल में फंस गए हैं.
इस नरसंहार के बाद जब दुनिया ने सवाल उठाए, तो इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा कभी था ही नहीं. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इसी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि अगर ईरान को लगा कि लेबनान इस समझौते में है, तो यह उनकी गलतफहमी थी. संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस हमले को ‘समझ से परे और भयावह’ बताया है, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अब इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने के संकेत दिए हैं.
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इजरायल की इस कार्रवाई ने ईरान को आगबबूला कर दिया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि वे ऐसा जवाब देंगे जिसे दुनिया भूल नहीं पाएगी. बुधवार को ईरान ने फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया. फार्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, तेल टैंकरों की आवाजाही रुक गई है और कई जहाजों को ईरानी नौसेना से संदेश मिला है कि होर्मुज अभी भी ‘नो-गो ज़ोन’ है.
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-भारत एक्सप्रेस
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