कुतुब मीनार से 13 गुना ऊंची इमारत! बना रहे हैं 5200 मजदूर
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के रूप में दुबई के बुर्ज खलीफा (Burj Khalifa) की बादशाहत अब जल्द ही खत्म होने वाली है. सऊदी अरब के तटीय शहर जेद्दा में बन रहा ऐतिहासिक ‘जेद्दाह टॉवर’ (Jeddah Tower) तेजी से बादलों की ओर अपने कदम बढ़ा रहा है. सोशल मीडिया से लेकर आर्किटेक्चर की दुनिया में इस इमारत की चर्चा इसकी गगनचुंबी ऊंचाई के साथ-साथ निर्माण की अकल्पनीय रफ्तार को लेकर हो रही है. इस साइट पर निर्माण दल औसतन हर पांच दिन में एक पूरी मंजिल तैयार कर रहा है.
आंकड़ों और डिजाइन के मुताबिक, जेद्दाह टॉवर की अंतिम ऊंचाई 1,000 मीटर यानी पूरे 1 किलोमीटर तय की गई है. इसका मतलब है कि यह मौजूदा समय में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा (828 मीटर) से भी करीब 180 मीटर अधिक ऊंची होगी. यदि इसकी तुलना भारत की ऐतिहासिक धरोहर कुतुब मीनार (72.5 मीटर) से की जाए, तो जेद्दाह टॉवर उससे करीब 13 गुना ज्यादा ऊंचा होगा.
ताजा अपडेट के अनुसार, टॉवर का निर्माण कार्य अब तक 113वीं मंजिल और 454 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच चुका है. अप्रैल 2026 में इस इमारत ने 100 मंजिलों और 400 मीटर की ऊंचाई का मील का पत्थर पार किया था. इसके बाद महज चार से पांच महीनों के भीतर 13 और मंजिलें जोड़ दी गईं.
इतनी भारी ऊंचाई पर हर पांच दिन में एक फ्लोर तैयार करने के पीछे भारी क्षमता वाली विशेष टॉवर क्रेनें, ऑटोमेटेड हाइड्रोलिक फॉर्मवर्क और बेहद सटीक 24×7 निर्माण चक्र है. कंक्रीट पंपिंग से लेकर सरिया बांधने तक का काम मिनट-टू-मिनट शेड्यूल पर चल रहा है. इस समय साइट पर करीब 5,200 इंजीनियर और मजदूर दिन-रात जुटे हुए हैं.
गौरतलब है कि वर्ष 2011-2014 के आसपास इस प्रोजेक्ट को ‘किंगडम टॉवर’ (Kingdom Tower) और ‘माइल-हाई टॉवर’ (Mile-High Tower) के नाम से पेश किया गया था. शुरुआती योजना इसे बुर्ज खलीफा से लगभग दोगुना यानी 1.6 किलोमीटर (1 मील) ऊंचा बनाने की थी. हालांकि, मिट्टी के भू-वैज्ञानिक परीक्षण (Soil Testing) और अत्यधिक हवा के दबाव जैसे तकनीकी कारणों के चलते योजना में संशोधन किया गया और ऊंचाई 1,000 मीटर निर्धारित की गई.
वित्तीय अड़चनों और ठेकेदारों के बदलाव के चलते बीच में कई वर्षों तक इसका काम रुका रहा, जिससे लगने लगा था कि प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया है. लेकिन सऊदी क्राउन प्रिंस के विजन 2030 के तहत नई रणनीतिक और वित्तीय व्यवस्था के साथ प्रोजेक्ट को पुनर्जीवित किया गया और इसका नाम बदलकर ‘जेद्दाह टॉवर’ रखा गया.
डेवलपर कंपनी के आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2028 तक जेद्दाह टॉवर पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा. जब इसके शीर्ष पर एंटीना और ऑब्जर्वेशन डेक स्थापित होगा, तब यह न केवल दुनिया की पहली 1 किलोमीटर ऊंची मानव निर्मित संरचना होगी, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग इतिहास का सबसे बड़ा प्रतिमान भी बनेगी.
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