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ऑपरेशन सिंदूर का खौफ! आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के अंदर शुरू हुआ गृहयुद्ध, दहशत में पाक सेना

Lashkar E Taiba Internal Conflict: दुनिया में आतंक की फैक्ट्री के उपनाम से मशहूर पाकिस्तान के सबसे लाडले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में फूट पड़ गई है. सूत्रों के मुताबिक इस आतंकी संगठन के अंदर नेतृत्व को लेकर पाकिस्तानी सेना और ISI के बीच संघर्ष शुरू हो गया है. मतभेद इतने गहरे हो गए हैं कि संगठन के भीतर से ही लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद के खिलाफ बगावत के सुर उठ रहे हैं.

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसीम मुनीर ISI से बेहद नाराज हैं. खासतौर से पाकिस्तान में भारत के दुश्मनों की एक के बाद एक मौतों से परेशान मुनीर ने ISI पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. पाक सैन्य प्रमुख आसीम मुनीर लश्कर-ए-तैयबा के अंदर चल रही गुटबाजी से भी परेशान हैं, क्योंकि यह पाकिस्तानी सेना का सबसे विश्वसनीय आतंकी संगठन है.

हाफिज सईद से नाखुश हैं लश्कर के कई कमांडर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लश्कर के भीतर कई लोग हाफिज सईद के नेतृत्व से नाखुश हैं. उनका मानना है कि हाफिज सईद अब कमजोर पड़ चुका है, इसलिए लश्कर-ए-तैयबा की कमान किसी और को मिलना चाहिये.

सूत्रों के मुताबिक इस आतंकी संगठन में नंबर 2 की हैसियत रखने वाला सैफुल्लाह कसूरी सबसे बड़ा और मजबूत दावेदार है. मामला यहां तक पहुंच चुका है कि 57 साल का कसूरी खुले तौर पर लश्कर के नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर चुका है. जबकि पुराने लश्कर सदस्य अभी भी हाफिज सईद पर भरोसा कर रहे हैं. जिसकी वजह से लश्कर के बीच दो फाड़ हो गया है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद विरोध सतह पर आए

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लश्कर के अंदर पिछले दो साल से यह तनाव चल रहा है, लेकिन जब से भारत ने ऑपरेशन सिंदूर कर आतंकी संगठनों को नेस्तनाबूत किया है, तब से यह तनाव सतह पर आ गया है. पहलगाम हमले के बाद भारत के इस खतरनाक पलटवार से पाकिस्तान के इस आतंकी संगठन में विरोध के स्वर उभरने लगे. कई सदस्य ये चाहते थे कि हाफिज सईद पाकिस्तानी सिस्टम के खिलाफ विरोध करेंगे, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.

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जानकारी के मुताबिक हाफिज सईद की इस चुप्पी से पाकिस्तानी सेना और ISI के बीच भी मतभेद हो गए हैं. पाकिस्तानी सेना जहां कसूरी को आगे बढ़ाना चाहती है, तो ISI अभी भी सईद पर विश्वास जता रही है. ISI के मुताबिक सईद पर अभी भी विश्वास है क्योंकि उसने कई हमलों को सफलतापूर्वक हैंडल किया है. जबकि कसूरी के साथ ऐसा नहीं है, ISI का कहना है कि कसूरी कभी भी हाथ से बाहर निकल सकता है. इसी वजह से पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के बीच मतभेद गहरा गए हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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