दुनिया

नेपाल में कुदरत का तांडव: 7,500 से ज्यादा आशियाने तबाह, ₹30 अरब का इन्फ्रास्ट्रक्चर स्वाहा

Nepal floods: पिछले हफ्ते नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. कुदरत की इस ताबही में शहरी विकास और भवन निर्माण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक करीब 7,570 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. इनमें 1,253 घर पूरी तरह तबाह हो गए, जिन्हें अब दोबारा बनाना पड़ेगा. सिर्फ मकानों को हुए नुकसान का शुरुआती अनुमान करीब 17 अरब नेपाली रुपये लगाया गया है.

नुवाकोट में सबसे ज्यादा असर

बाढ़ का सबसे बड़ा असर नुवाकोट में देखने को मिला है. यहां करीब 3,977 घरों को नुकसान पहुंचा है. इनमें विदुर नगरपालिका के 3,026, किस्पांग के 696, बेलकोटगढ़ी के 212 और तर्केश्वर के 43 घर शामिल हैं.

रसुवा में 1,779 घर प्रभावित हुए हैं, जबकि धादिंग में 1,451 मकानों को नुकसान पहुंचा. गोरखा में 263 और चितवन के इच्छाकामना इलाके में करीब 100 घर बाढ़ की चपेट में आए हैं. शहरी विकास एवं भवन निर्माण विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है. इसके अलावा 45 सरकारी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसकी कीमत करीब 4.50 अरब नेपाली रुपये बताई गई है.

सड़क और पुल भी बाढ़ में बहे

बाढ़ ने नेपाल के सड़क नेटवर्क को भी बड़ा झटका दिया है. सड़क विभाग के अनुसार देशभर में करीब 30 अरब नेपाली रुपये का सड़क ढांचा प्रभावित हुआ है. गल्छी-स्याफ्रुबेंसी-रसुवागढ़ी सड़क का करीब 40 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है. इसे नए सिरे से बनाना पड़ेगा. पृथ्वी राजमार्ग के कृष्णभीर हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है.

बाढ़ में 31 पुल पूरी तरह बह गए, जबकि तीन अन्य पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं. इनकी मरम्मत और पुनर्निर्माण पर भारी खर्च आने का अनुमान है. रसुवा और नुवाकोट में 53 झूलते पुल भी प्रभावित हुए, जिनमें 33 बाढ़ में बह गए हैं.


ये भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट में बड़ी सर्जरी की तैयारी, गडकरी का बदलेगा मंत्रालय? 16-17 नए चेहरों की एंट्री, कई दिग्गजों की छुट्टी तय


पानी की व्यवस्था भी चरमराई

बाढ़ से पेयजल और सीवेज व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है. चार जिलों में दर्जनों पानी के टैंक क्षतिग्रस्त हुए हैं. पेयजल ढांचे का नुकसान करीब 64 करोड़ नेपाली रुपये और सीवेज व सफाई व्यवस्था का नुकसान करीब 29 करोड़ रुपये आंका गया है. सरकार का कहना है कि नुकसान का विस्तृत आकलन अभी जारी है. राहत और संपर्क व्यवस्था बहाल करने के लिए कुछ इलाकों में नए रोपवे भी लगाए जा रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस 

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

मध्य प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का आगाज: सीएम मोहन यादव और नितिन गडकरी 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…

1 hour ago

लापरवाही बनी काल! यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस में आग से 9 मौतें

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…

2 hours ago

दलबदल का खेल: चुनाव जीतने के बाद 111 सांसदों-विधायकों ने पार्टियां बदलीं — जानिए किस राज्य में हुआ सबसे बड़ा परिवर्तन

एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…

2 hours ago

60 का दूल्हा, 23 की दुल्हन… तानों की परवाह किए बिना पिंकू संग वर्षा ने लिए सात फेरे

बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…

2 hours ago

रिटायर्ड जजों की सुविधाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- केंद्र से बनाई जाए राष्ट्रीय नीति

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…

3 hours ago

चिता की आग और मोक्ष की नगरी, क्या आपने देखी है बनारस की इस दुनिया की असली तस्वीर?

बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…

3 hours ago