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Pakistan का सहारा बने गधों पर अब तस्करों की नजर, पाक सरकार ने उठा लिया ये कदम

Pakistan News: एक-एक निवाले के लिए संघर्ष कर रहे पाकिस्तान को अब गधों का ही सहारा है. विदेशी नकदी की कंगाली से जूझ रहा पाकिस्तान अब पैसों के लिए चीन को गधों का निर्यात कर रहा है. पाकिस्तान और चीन के बीच हर साल 2 लाख गधों का मांस और खाल निर्यात करने पर समझौता हुआ है.

अब पाकिस्तान के गधों पर तस्करों की नजर है. पाकिस्तान में आए दिन तस्कर गधों का मांस अवैध तरीके से निर्यात कर रहे हैं. जिसको देखते हुए पुलिस को सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.

पाकिस्तानी न्यूज चैनल जिओ न्यूज के अनुसार इस्लामाबाद से 3 मील दूर तरनोल में इस्लामाबाद खाद्य प्राधिकरण (IFA) ने जमकर छापेमारी अभियान चलाया. जहां 1 टन से ज्यादा अवैध गधे का मांस जब्त किया गया है.

50 से अधिक गधे बरामद

इस दौरान प्राधिकरण ने मौके से 50 से अधिक गधे और बड़ी मात्रा में पैक गधे का मांस बरामद किया है. जांच में खुलासा हुआ है कि तस्कर इस मांस का विदेशों में अवैध निर्यात करते हैं.

विदेशी नागरिक को किया गिरफ्तार

IFA के निदेशक ने सभी अवैध तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं. मौके से एक विदेशी नागरिक को भी हिरासत में लिया गया है. जिसकी पहचान नहीं बताई गई है. पुलिस अब यह पता करने में जुटी है कि मांस को कहां भेजा जाना था.

Pakistan News: पाकिस्तान में हैं 60 लाख से ज्यादा गधे

पाकिस्तान सांख्यिक ब्यूरो के अनुसरा इस समय पाकिस्तान में गधों की संख्या 60 लाख से भी ज्यादा है. जो की पहले 50 लाख के करीब थी.

पाकिस्तान के गधों का चीन प्रमुख बाजार है. जहां पाकिस्तान गधे का मांस निर्यात कर विदेशी नकदी कमा रहा है. चीन में गधे का मांस भोजन के रूप में उपयोग में लाया जाता है. वहीं गधे के चमड़े का उपयोग पारंपरिक औषधी ‘ई-जियाओ’ बनाने में किया जाता है.

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Pakistan News: पाकिस्तान गधे निर्यात करने के लिए बनाया बूचड़खाना

चीन में गधे के मांस की मांग और पाकिस्तान में बढ़ती गधों की संख्या को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. जियो न्यूज के अनुसार ग्वादर के एक बूचड़खाने में चीन के पारंपरिक उत्पाद ई-जियाओ का उत्पादन शुरू कर दिया गया है.

चीन को हर साल 60 लाख गधों की है जरूरत

ई-जियाओ उद्योग के लिए हर साल करीब 60 लाख गधों की खाल की जरूरत है. जिसका फायदा अब पाकिस्तान उठा रहा है.

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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