प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जा सकते हैं. यह यात्रा उनके व्यापक क्षेत्रीय दौरे का हिस्सा होगी, जिसमें वे पहले इंडोनेशिया और फिर न्यूजीलैंड भी जाएंगे. स्थानीय मीडिया ने सरकारी और कूटनीतिक सूत्रों के हवाले से शुक्रवार को यह जानकारी दी.
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले इंडोनेशिया जाएंगे, इसके बाद 7 और 8 जुलाई को न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे. इसके बाद उनके 9 और 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने की संभावना है. यह दौरा ऐसे समय में प्रस्तावित है जब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और प्रवासी भारतीयों से जुड़े रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं.
‘द ऑस्ट्रेलिया टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के सिडनी और मेलबर्न दोनों शहरों में कार्यक्रम होने की उम्मीद है. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ का कार्यालय सिडनी में आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित करने के पक्ष में है, ताकि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती दी जा सके.
हालांकि, भारतीय समुदाय को संबोधित करने वाला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम मेलबर्न में आयोजित किए जाने की संभावना ज्यादा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस आयोजन के लिए मेलबर्न के दो बड़े इनडोर स्थलों का निरीक्षण भी किया जा चुका है, जिनकी क्षमता क्रमशः लगभग 14,000 और 35,000 से अधिक लोगों की है. ये दोनों स्थान जुलाई में मेलबर्न के ठंडे मौसम को देखते हुए उपयुक्त माने जा रहे हैं, क्योंकि इनमें छत और पर्याप्त इनडोर सुविधाएं उपलब्ध हैं.
प्रधानमंत्री के इस संभावित दौरे को लेकर ऑस्ट्रेलिया के कारोबारी और सामुदायिक संगठनों में भी उत्साह देखा जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया-भारत व्यापार परिषद, जो इस साल अपनी 40वीं वर्षगांठ मना रही है, प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश में है. वहीं, ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फ़ोरम भी एक उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी के लिए प्रयासरत है. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इनमें से किसी एक संगठन को ही आधिकारिक कार्यक्रम की मेजबानी का मौका मिल सकता है और इसको लेकर बातचीत जारी है.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले मई 2023 में सिडनी गए थे, जहां उन्होंने ‘क्वाड लीडर्स समिट’ में हिस्सा लिया था. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ द्विपक्षीय बैठक की, ऑस्ट्रेलियाई उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात की और भारतीय समुदाय को संबोधित भी किया था.
इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी सहमति बनी थी, जिनमें माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप अरेंजमेंट (एमएमपीए) और ग्रीन हाइड्रोजन टास्कफोर्स के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस शामिल थे. साथ ही, ब्रिस्बेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने और बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलियाई वाणिज्य दूतावास शुरू करने की घोषणा भी की गई थी.
ऑस्ट्रेलियाई ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के विदेश मामलों के पत्रकार स्टीफन ज़ीज़िक ने भी इस संभावित दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर यह यात्रा तय होती है, तो यह ऑस्ट्रेलिया आने वाले वैश्विक नेताओं की एक मजबूत श्रृंखला का हिस्सा होगी.
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरा भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई दिशा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सामुदायिक संबंधों को और मजबूती प्रदान कर सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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