PoK Protests Update: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात पूरी तरह से बेकाबू हो चुके हैं. अवाम और पाकिस्तानी हुक्मरानों के बीच अब आर-पार की खूनी जंग शुरू हो गई है. सस्ती बिजली और सस्ते आटे की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन अब एक बड़े विद्रोह में बदल चुका है, जिसमें पाकिस्तानी पुलिस और रेंजर्स के कहर से 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है. हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि रावलकोट की सड़कों से उठी इस बगावत की गूंज अब सात समंदर पार लंदन तक सुनाई दे रही है.
PoK की जनता बुनियादी हकों के लिए लड़ रही है, लेकिन पाकिस्तानी फौज दमन पर उतर आई है. प्रतिबंधित संगठन ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के बैनर तले हो रहे प्रदर्शनों को कुचलने के लिए रेंजर्स गोलियां बरसा रहे हैं.
रावलकोट में हुई हिंसक झड़पों में 4 पुलिसकर्मियों समेत 11-12 लोगों की जान जा चुकी है और 70 से ज्यादा लोग खून से लथपथ हैं. रात के अंधेरे में हुई पुलिसिया कार्रवाई में JAAC नेता शाहज़ेब हबीब की मौत ने आग में घी का काम किया है. गुस्से में भड़के लोग अब अपने हाथों में ‘कफन’ लेकर सड़कों पर उतर आए हैं.
इस पूरे बवाल के केंद्र में महंगाई के अलावा 12 आरक्षित सीटें भी हैं. पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित इन 12 विधानसभा सीटों को PoK का कथित सुप्रीम कोर्ट खत्म करने से इनकार कर चुका है. स्थानीय लोगों का साफ मानना है कि इन सीटों के जरिए इस्लामाबाद और पाकिस्तानी हुक्मरान PoK पर अपना बाहरी दबदबा और राजनीतिक कंट्रोल थोपते हैं.
JAAC ने 9 जून को एक ‘महा-बंद’ (शटडाउन) का ऐलान किया है, जिससे जनरल असीम मुनीर और शहबाज शरीफ की टेंशन सातवें आसमान पर है. इस महा-प्रदर्शन को रोकने के लिए पूरे इलाके में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं ठप कर दी गई हैं. मुजफ्फराबाद, मीरपुर और कोटली में फौज और रेंजर्स की भारी तैनाती कर दी गई है और कर्फ्यू लगाने की तैयारी है. सैलानियों को 20 जून तक इलाका छोड़ने का सख्त फरमान सुना दिया गया है. प्रदर्शनकारियों ने भी आर-पार के मूड में एक महीने का राशन जमा करना शुरू कर दिया है.
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PoK में हो रहे इस मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ ब्रिटेन में भी कश्मीरी प्रवासियों ने मोर्चा खोल दिया है. लंदन स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन के साथ-साथ बर्मिंघम, ब्रैडफोर्ड और मैनचेस्टर में भी भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. अमेरिका ने भी अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. यह साफ है कि पाकिस्तान अब ‘जुल्म’ के दम पर PoK को अपनी मुट्ठी में नहीं रख पा रहा है, और आने वाले कुछ दिन इस इलाके के लिए बेहद खौफनाक और निर्णायक साबित होने वाले हैं.
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