PM Modi Indonesia Visit
PM Modi Indonesia Visit: इंडोनेशिया की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर में आयोजित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति का अवलोकन किया. इस दौरान मंदिर परिसर में जब कलाकारों ने भगवान शिव की आराधना में ‘ॐ नमः शिवाय’ का सामूहिक उच्चारण किया, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा. यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत प्रतीक भी था.
प्रम्बानन मंदिर भगवान शिव, ब्रह्मा और विष्णु को समर्पित दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे भव्य हिंदू मंदिर परिसरों में से एक माना जाता है. यहां प्रस्तुत नृत्य, संगीत और मंत्रोच्चार ने यह संदेश दिया कि समय और भौगोलिक दूरियों के बावजूद भारतीय संस्कृति की जड़ें आज भी इंडोनेशिया की सांस्कृतिक चेतना में गहराई से मौजूद हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रस्तुति को भारतीय और इंडोनेशियाई सभ्यताओं के साझा मूल्यों की अभिव्यक्ति बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता केवल कूटनीतिक या आर्थिक नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था और इतिहास की मजबूत नींव पर टिका है. ‘ॐ नमः शिवाय’ की गूंज ने इस ऐतिहासिक विरासत को एक बार फिर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया.
The magnificent Prambanan Temple stands as a timeless symbol of our cultural and spiritual links. Preserving such heritage is about safeguarding the traditions that continue to inspire generations.
India is privileged to partner with Indonesia in this important endeavour. As… pic.twitter.com/m6MCfWKh8n
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
कार्यक्रम में पारंपरिक जावानी शैली के नृत्य, संगीत और रामायण तथा शिव पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. भारतीय परंपरा और स्थानीय इंडोनेशियाई कला का यह अनूठा मेल इस बात का प्रमाण था कि सांस्कृतिक विरासत सीमाओं से परे लोगों को जोड़ने की शक्ति रखती है.
भारत और इंडोनेशिया के संबंध हजारों वर्ष पुराने हैं. व्यापार, समुद्री संपर्क, धर्म और संस्कृति के माध्यम से दोनों देशों के बीच गहरे संबंध विकसित हुए. आज भी इंडोनेशिया की भाषा, कला, स्थापत्य और लोक परंपराओं में भारतीय संस्कृति की स्पष्ट छाप दिखाई देती है. दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद इंडोनेशिया ने अपनी प्राचीन हिंदू-बौद्ध विरासत को सहेजकर रखा है, जिसका सबसे भव्य उदाहरण प्रम्बानन मंदिर है.
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इस बात का भी संदेश है कि आधुनिक साझेदारी के साथ-साथ दोनों देश अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत को भी नई पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. पर्यटन, शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विरासत संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती दे रहा है.
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प्रम्बानन मंदिर में ‘ॐ नमः शिवाय’ की गूंज केवल एक धार्मिक मंत्रोच्चार नहीं थी, बल्कि यह भारत और इंडोनेशिया के बीच विश्वास, सम्मान और साझा सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनकर उभरी. प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने एक बार फिर यह रेखांकित किया कि सभ्यताओं के बीच संवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव किसी भी द्विपक्षीय संबंध को स्थायी और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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