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फिर थर्राया कामचटका, 7 की तीव्रता से आया विनाशकारी भूकंप, सुनामी की आहट से सहमे लोग

Kamchatka Earthquake: रूस के कामचटका में शुक्रवार को 7 तीव्रता का भूकंप आया. यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:35 बजे आए इस भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर 152 किलोमीटर की गहराई में था. अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा है कि भूकंप के बाद सुनामी का खतरा नहीं है.

कामचटका में आए इस भूकंप ने पिछले साल की विनाशकारी घटना की यादें ताजा कर दी हैं. जुलाई 2025 में इसी क्षेत्र के पास 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. इसके बाद उठी सुनामी ने तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई थी. एक तटीय गांव का हिस्सा भी समुद्र में बह गया था.

क्यों संवेदनशील है कामचटका?

कामचटका प्रायद्वीप प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले भूकंपीय क्षेत्र ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है. यहां टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते हैं. यह इलाका सक्रिय ज्वालामुखियों के लिए भी जाना जाता है.

73 साल के अंतराल में दो बड़े भूकंप

कामचटका में 1952 में करीब 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके लगभग 73 साल बाद जुलाई 2025 में 8.8 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया. इस घटना के बाद प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी. जापान और हवाई में भी सुनामी की लहरें दर्ज हुई थीं.

इतने शक्तिशाली भूकंपों के बीच कम अंतराल ने वैज्ञानिकों का ध्यान खींचा. हालांकि, बड़े भूकंपों के दोबारा आने का समय निश्चित नहीं होता. यह क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों के बीच जमा होने वाले तनाव पर निर्भर करता है.

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फिलहाल, शुक्रवार को आए ताजा भूकंप के बाद सुनामी का खतरा नहीं बताया गया है. फिर भी, पिछले साल की तबाही को देखते हुए कामचटका में भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखना बेहद महत्वपूर्ण है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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