दुनिया

दुनिया को बड़ी राहत! ट्रंप के सीजफायर के बाद ईरान ने खोला होर्मुज स्ट्रेट, क्या थमेगा ऊर्जा संकट?

Iran US Ceasefire: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए अस्थायी रूप से खोल दिया गया है. यह फैसला लेबनान में लागू संघर्ष विराम की अवधि तक ही प्रभावी रहेगा, जो फिलहाल 10 दिनों के लिए तय किया गया है.

इस ऐलान के साथ ही फारस की खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाजों के लिए रास्ता साफ हो गया है. इनमें वे जहाज भी शामिल हैं, जो 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों के बाद से आगे नहीं बढ़ पा रहे थे. इन जहाजों पर करीब 20 हजार कर्मी सवार हैं, जो लंबे समय से समुद्र में ही रुके हुए थे.

ईरान ने बताया संघर्ष विराम के तहत उठाया गया कदम

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि संघर्ष विराम के तहत यह कदम उठाया गया है और जहाजों की आवाजाही एक तय समुद्री मार्ग से होगी, जिसकी जानकारी पहले ही ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा दी जा चुकी है.

दरअसल, ईरान ने पहले साफ कर दिया था कि लेबनान में संघर्ष विराम के बिना वह इस अहम समुद्री रास्ते को पूरी तरह नहीं खोलेगा. इसी वजह से, अमेरिका के साथ सीमित समझौते के बावजूद यहां आवाजाही पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी थी.

डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले किया था ऐलान

एक दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का संघर्ष विराम लागू हुआ है. उन्होंने इस पहल के लिए जोसेफ आउन और बेंजामिन नेतन्याहू का आभार भी जताया.

होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने का असर वैश्विक स्तर पर दिखा था. करीब 800 जहाज इस रास्ते में अटक गए थे, जिनमें 187 से ज्यादा तेल टैंकर शामिल थे. इससे दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया था और एक तरह का संकट खड़ा हो गया था.

ये भी पढ़ें- अमेरिका जैसी महाशक्ति से जंग लड़ना क्यूबा के लिए क्यों मुश्किल, क्यूबा की सेना कितनी मजबूत?

अब, जैसे ही यह अहम समुद्री रास्ता फिर से खुला है, उम्मीद है कि फंसे हुए जहाज तेजी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ सकेंगे और वैश्विक सप्लाई चेन को भी राहत मिलेगी.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

राम भक्तों के लिए खुशखबरी! रामलला के दर्शन हुए और आसान, मुफ्त पास की बढ़ाई गई सीमा

अयोध्या राम मंदिर में रामलला के दर्शन अब और आसान हो गए हैं. ट्रस्ट ने…

4 hours ago

पीएम मोदी के विजन को मिली बड़ी रफ्तार: नमो भारत ने पूरे किए परिचालन के 3 सफल साल

पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई नमो भारत रैपिड रेल ने 3 सफल साल पूरे…

4 hours ago

अमित शाह का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- नशे के खिलाफ आवाज दबाने वालों को नहीं छोड़ेंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर आम…

5 hours ago

राष्ट्र को अस्थिर करने वाली राजनीति से बचें; संविधान का सम्मान सर्वोपरि: इंद्रेश कुमार

लखनऊ में आयोजित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता सम्मेलन में डॉ. इंद्रेश कुमार ने देश…

5 hours ago

IP Extension दशहरा समारोह में शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी, केवल पास धारकों को मिलेगी एंट्री

प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में शामिल हो सकते हैं.…

5 hours ago