दुनिया

तैयार हैं तारिक रहमान: लंदन में 17 साल, फिर जेल का डर… और अब सीधे प्रधानमंत्री! जानिए फिल्मी कहानी

Bangladesh Tarique Rahman Set to Take Oath: बांग्लादेश की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हो चुका है. 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड जीत हासिल की है. पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 300 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. खबरों के मुताबिक, BNP अध्यक्ष तारिक रहमान शनिवार को ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.

209 सीटों पर कब्जा (Tarique Rahman Victory)

अवामी लीग के बिना हुए इस चुनाव में BNP ने क्लीन स्वीप किया है. पार्टी ने 299 में से 209 सीटें जीतीं. तारिक रहमान ने खुद ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों सीटों से जीत दर्ज की है. जमात-ए-इस्लामी के 11 दलों के गठबंधन ने कुल 70 सीटें जीतीं. जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ढाका-15 से जीते. जिन छात्रों ने आंदोलन किया, उनकी पार्टी ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ (NCP) का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. वे 30 में से सिर्फ 5 सीटों पर ही जीत सके. उनकी सड़क की लोकप्रियता वोटों में तब्दील नहीं हो पाई.

35 साल बाद पुरुष प्रधानमंत्री

तारिक रहमान के शपथ लेते ही बांग्लादेश में एक बड़ा इतिहास बनेगा. 35 साल बाद देश की बागडोर किसी पुरुष प्रधानमंत्री के हाथ में होगी. 1988 में काजी जफर अहमद आखिरी पुरुष प्रधानमंत्री थे. 1990 के बाद से देश की सत्ता दो बेगमों खालिदा जिया और शेख हसीना के इर्द-गिर्द ही घूमती रही.

तारिक को मिला कांटों भरा ताज (Bangladesh Election Tarique Rahman)

60 वर्षीय तारिक पूर्व राष्ट्रपति और BNP के संस्थापक जियाउर रहमान और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे हैं. खालिदा जिया का पिछले साल दिसंबर में ही लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ था. तारिक रहमान का सफर आसान नहीं रहा. 2008 में इलाज के लिए लंदन गए तारिक 17 साल तक निर्वासन में रहे.

ये भी पढ़ें: कौन है निखिल गुप्ता? खलिस्तानी आतंकी पन्नू को चाहता था मारना; US कोर्ट में कबूलनामा

शेख हसीना सरकार के दौरान उन पर कई आपराधिक मामले चले और उन्हें गैरहाजिरी में सजा भी सुनाई गई. लेकिन 2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद ये फैसले पलट दिए गए, जिससे उनकी वतन वापसी और अब पीएम बनने का रास्ता साफ हुआ.

पीएम मोदी की बधाई और विवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शानदार जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है. हालांकि, चुनाव पूरी तरह विवादों से परे नहीं रहा. ढाका-13 और ढाका-15 जैसी कई सीटों पर मतगणना के दौरान गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आई हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

संघ की ‘असंतुलित’ टिप्पणी से सत्ता, संगठन और सामाजिक संतुलन की परीक्षा

RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यूजीसी के समानता विनियम-2026 को असंतुलित बताया. संघ…

7 hours ago

चंडीगढ़ से अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: NDIA ब्लॉक की रैली को बताया सिखों का अपमान

चंडीगढ़ में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए 1984 सिख…

8 hours ago

चौरी-चौरा के बहाने नेहरू पर सीएम योगी का हमला; बोले- 172 क्रांतिकारियों की पैरवी नहीं की, मालवीय ने 151 को फांसी से बचाया

चौरी-चौरा में 288 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री…

9 hours ago

AIIA-iCAINE के 6 साल पूरे: आयुर्वेद और AI को जोड़ने की बड़ी पहल, IIT बॉम्बे के साथ राष्ट्रीय चैलेंज लॉन्च

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के इनक्यूबेशन सेंटर AIIA-iCAINE ने अपने छठे स्थापना दिवस पर…

9 hours ago

डिग्री से मार्कशीट तक, हर जगह सिर्फ Bharat; महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय में India शब्द खत्म, दस्तावेजों में दिखेगा भारत

महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय ने कई बड़े फैसले लिए हैं. अब विश्वविद्यालय की डिग्री…

9 hours ago