PM Modi In Triple Gem
PM Modi In Triple Gem: इंडोनेशिया की यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘होमेज टू द ट्रिपल जेम’ की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रस्तुति भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और बौद्ध धर्म के मूल सिद्धांतों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से सामने लाने वाली थी. उन्होंने विशेष रूप से विहारा धर्म रत्ना ग्रुप के कलाकारों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुति ने भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को जीवंत कर दिया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखकर संतोष होता है कि इंडोनेशिया के लोग अपने समृद्ध बौद्ध अतीत को केवल संजोए हुए ही नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी तक उसे उत्साह और श्रद्धा के साथ पहुंचा भी रहे हैं. उनके अनुसार सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण दोनों देशों के बीच सदियों पुराने रिश्तों को और मजबूत बनाने का माध्यम है.
The performance of ‘Homage to the Triple Gem’, by the artistes of the Vihara Dharma Ratna Group, was exceptional. It reflected the timeless teachings of Lord Buddha and the profound values embodied in the Triple Gem. It is heartening to see the rich Buddhist heritage being… pic.twitter.com/4KAP3rnXGT
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2026
बौद्ध परंपरा में ‘ट्रिपल जेम’ (त्रिरत्न) का विशेष महत्व है. इसमें बुद्ध, धर्म और संघ को जीवन के तीन प्रमुख आधार माना जाता है. बौद्ध अनुयायी इन्हीं तीनों की शरण लेकर सत्य, करुणा, अहिंसा और आत्मिक उन्नति के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं. ‘होमेज टू द ट्रिपल जेम’ शीर्षक से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम इन्हीं मूल आदर्शों को संगीत, नृत्य और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से दर्शाता है.
भारत और इंडोनेशिया के संबंध केवल आधुनिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी जड़ें हजारों वर्ष पुराने सांस्कृतिक और धार्मिक संपर्कों में हैं. प्राचीन काल में भारतीय सभ्यता, बौद्ध धर्म और हिंदू संस्कृति का प्रभाव इंडोनेशिया के अनेक क्षेत्रों तक पहुंचा. आज भी वहां के कई ऐतिहासिक मंदिर, स्मारक और सांस्कृतिक परंपराएं इस साझा विरासत की गवाही देते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों को नई ऊर्जा देने का प्रतीक माना जा रहा है. भारत लंबे समय से अपनी बौद्ध कूटनीति के माध्यम से एशियाई देशों के साथ सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देता रहा है और इंडोनेशिया इसमें एक महत्वपूर्ण साझेदार है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम राजनीतिक और आर्थिक सहयोग के साथ-साथ लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कलाकारों की सराहना इस बात का संकेत है कि भारत अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत को विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण आधार मानता है. भगवान बुद्ध का शांति, करुणा और मानवता का संदेश आज भी दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
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इंडोनेशिया में ‘होमेज टू द ट्रिपल जेम’ की प्रस्तुति ने यह संदेश भी दिया कि सांस्कृतिक विरासत सीमाओं से परे होती है और साझा इतिहास भविष्य के सहयोग का मजबूत आधार बन सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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