US Iran conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनी के बाद तेहरान ने भी सख्त लहजे में जवाब दिया है. ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उसके किसी भी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जैसे पुल या बिजली संयंत्र, पर हमला किया गया तो उसका जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा. ईरान का कहना है कि वह किसी भी कार्रवाई का जवाब “आंख के बदले आंख” की नीति के तहत देगा.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश की रक्षा नीति पूरी तरह स्पष्ट है. उन्होंने लिखा कि अगर ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ तो उसका जवाब न सिर्फ कड़ा होगा, बल्कि निर्णायक भी होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अन्य देश या पक्ष ने ऐसे किसी हमले में अमेरिका का साथ दिया, तो उसे भी ईरान वैध सैन्य लक्ष्य मान सकता है.
अराघची का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बयानबाजी और हमला लगातार तेज होते जा रहे है.
Our defense doctrine is clear: eye for an eye.
Any aggression against Iran, including our infrastructure, will compel a powerful and decisive response.
Those who contribute to such aggression, whatever the kind of support, will also be considered as legitimate targets.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) July 22, 2026
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर मिसाइल, ड्रोन, रॉकेट या किसी अन्य हथियार से हमला किया, तो अमेरिका उसका जवाब सीधे ईरान के तेहरान में मौजूद ब्रिज और पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा.
ट्रंप ने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान का कोई पुल या बिजली संयंत्र, चाहे वह तेहरान के भीतर हो या उसके आसपास, अमेरिकी कार्रवाई का निशाना बन सकता है. उन्होंने यह संदेश सोशल मीडिया के जरिए साझा किया और संकेत दिया कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
ईरान की सर्वोच्च सैन्य कमान और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है. ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, खातम-अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने कहा है कि यदि अमेरिका ने ईरान के महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाया, तो होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित की जा सकती है.
सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही ईरान द्वारा तय किए गए नियमों और रास्तों के अनुसार ही संभव होगी. यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है.
ये भी पढ़ें: यात्रीगण कृपया ध्यान दें…आज फिर बंद हैं दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशन, घर से निकलने से पहले देख लें लिस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच इस तरह की तीखी बयानबाजी पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा सकती है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर किसी भी तरह का टकराव वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति पर व्यापक असर डाल सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
आज भारत की स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका मैडम भीकाजी रुस्तम कामा की जयंती है. वे…
एशियन गेम्स 2026 में भारत की सीमा कुमारी ने जूते का सोल निकलने के बावजूद…
Private Bus Safety Issues: नोएडा एक्सप्रेसवे पर लग्जरी बस में आग लगने की घटना ने…
Mahadev Betting App Controversy: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में CBI ने एक बहुत बड़ी…
कोबरापोस्ट की जांच में दावा किया गया है कि DGGI के पूर्व सुपरिंटेंडेंट रविंदर सिंह…
बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और महिलाओं से जुड़ी घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…