Trump Iran Meme War: जब भी दुनिया के नक्शे पर अमेरिका और ईरान का नाम एक साथ फ्लैश होता है, तो पूरी दुनिया के माथे पर पसीना आ जाता है. शेयर मार्केट में कोहराम मच जाता है, पेट्रोल-डीजल की कीमतें रॉकेट होने लगती हैं और हर किसी को डर सताने लगता है कि कहीं तीसरे विश्व युद्ध का बिगुल न बज जाए. एक तरफ बारूद की महक है, तो दूसरी तरफ कड़े आर्थिक प्रतिबंध.
लेकिन इसी तनाव के बीच इंटरनेट की गलियों में एक ऐसी जंग छिड़ी है जिसमें न तो मिसाइलें चल रही हैं और न ही गोलियां. यहां हथियार हैं सार्केज्म, रोस्ट और मजेदार Memes. इंटरनेशनल डिप्लोमेसी यानी कूटनीति की दुनिया जो हमेशा गंभीर चेहरों और सधे हुए बयानों के लिए जानी जाती है, उसे ईरान की एम्बेसीज ने एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में बदल दिया है.
इस डिजिटल जंग की जड़ें वैसे तो थोड़ी पुरानी हैं लेकिन हालिया घटनाओं ने इसे फिर से चर्चा में ला दिया है. आपको याद होगा कि जब अमेरिका ने ईरान पर सख्त पाबंदियां लगाई थीं, तब ईरान की एम्बेसीज ने बोरिंग प्रेस रिलीज जारी करने के बजाय Memes का सहारा लिया. एम्बेसी ऑफ ईरान इन जैतूने ने तो कमाल ही कर दिया था. जब ट्रंप की तरफ से धमकियां आ रही थीं तो उन्होंने लियोनार्डो डिकैप्रियो का वो मशहूर Cheers वाला फोटो पोस्ट कर दिया और कैप्शन में लिख दिया- ‘Cheers, it’s tea time!’
बात सिर्फ यहीं नहीं रुकी. ईरान की एक एम्बेसी ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए ट्रंप को सीधा ‘Bro’ कहकर संबोधित किया. एक सोल्जर वाले मीम के साथ उन्होंने लिखा- ‘We aren’t reopening shit, bro!’ आप सोचिए, दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति को कोई सरकारी हैंडल ‘Bro’ बोलकर इग्नोर कर रहा है. यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे क्लास का कोई शांत रहने वाला बच्चा स्कूल के सबसे बड़े ‘बुली’ को घास न डाले.
तनाव का सबसे बड़ा केंद्र रहा है ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’. जब पूरी दुनिया इस बात को लेकर परेशान थी कि यह समुद्री रास्ता बंद होगा या खुला रहेगा, तब जिम्बाब्वे में ईरानी एम्बेसी ने चुटकी लेते हुए ट्वीट किया- “भाई, हमसे तो चाबियां खो गई हैं!” पेंटागन के वॉर-रूम में जनरल और रणनीतिकार माथापच्ची कर रहे थे, और उधर ईरान वाले कह रहे थे कि गेट का ताला खोलने की चाबी नहीं मिल रही. इस पर मजा तब और बढ़ गया जब दक्षिण अफ्रीका की ईरानी एम्बेसी ने जवाब दिया- “Shhh… चाबी गमले के नीचे रखी है, बस दोस्तों के लिए ही खोलना.” यह किसी गंभीर कूटनीति से ज्यादा किसी डेली सोप के ड्रामे जैसा लग रहा था.
हाल ही में अप्रैल के शुरुआत में ही डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर माहौल गरमा दिया. उन्होंने ट्वीट किया कि मंगलवार का दिन ईरान के लिए ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ होगा और अगर रास्ता नहीं खुला तो ईरान को नरक भुगतना होगा. उन्होंने अपने ट्वीट के अंत में ‘Praise be to Allah’ लिखकर सबको चौंका दिया. शायद ट्रंप यहां धर्म के नाम पर कंफ्यूजन पैदा करना चाह रहे थे.
लेकिन ईरान की दक्षिण अफ्रीका एम्बेसी ने जो जवाब दिया, उसने ट्रंप की पूरी धमकी की हवा निकाल दी. उन्होंने सिर्फ इतना लिखा “तभी तो कुछ अमेरिकी ईरान को ‘I ran’ बोलते हैं.” दरअसल, अमेरिका में ‘Iran’ का उच्चारण ‘आई-रैन’ किया जाता है, जिसका मतलब होता है ‘मैं भाग गया’. ईरान ने सीधे-सीधे यह तंज कसा कि धमकी तुम दे रहे हो, लेकिन दुनिया जानती है कि मैदान छोड़कर भागने का रिकॉर्ड किसका है.
यह जंग सिर्फ शब्दों तक नहीं रही, बुल्गारिया में ईरान की एम्बेसी ने एक कार्टून शेयर किया जिसमें ट्रंप ईरान का गला घोंटने की कोशिश कर रहे थे और ट्रंप खुद चिल्ला रहे थे ‘I Can’t Breathe!’ यह सीधा हमला अमेरिका के आंतरिक नागरिक आंदोलनों की ओर इशारा था.
सच तो यह है कि आज के दौर में कीबोर्ड योद्धा किसी एटम बम से कम नहीं हैं. कूटनीति अब बंद कमरों से निकलकर सोशल मीडिया की टाइमलाइन पर आ गई है. हम तो बस यही उम्मीद कर सकते हैं कि यह लड़ाई हमेशा स्क्रीन तक ही सीमित रहे, क्योंकि मिसाइलों से शहर जलते हैं, लेकिन इन मीम्स से कम से कम चेहरे पर एक मुस्कान तो आ ही जाती है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Jammu Rohingya basti: जम्मू के करयानी तालाब इलाके में कथित अवैध बस्ती को लेकर प्रशासन…
TRAI के सर्किलवार आंकड़ों के मुताबिक बिहार में रोजाना करीब 49.1 पेटाबाइट डेटा की खपत…
Singapore Economy History: 1965 में मलेशिया से अलग होकर स्वतंत्र हुए सिंगापुर को ली क्वान…
Aao School Chalen Abhiyan Delhi School Admission: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 'आओ स्कूल चलें' अभियान के…
Pattinapakkam Fishermen Protest: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय द्वारा पट्टिनापक्कम में ₹1,200 करोड़ के सचिवालय निर्माण…
एशिया कप ट्रॉफी विवाद के बाद सवाल उठ रहा है कि Asian Games 2026 में…