मिडल-ईस्ट में जारी भीषण महायुद्ध के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने ईरान की सत्ता के गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई ‘विनाशकारी’ चेतावनी के बीच दावा किया जा रहा है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) मौत और जिंदगी के बीच जंग लड़ रहे हैं.
दरअसल हाल ही में ‘द टाइम्स यूके’ की एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई इस वक्त कोमा (अचेत अवस्था) में हैं और ईरान के धार्मिक शहर ‘कोम’ में उनका गुप्त इलाज चल रहा है.
खुफिया रिपोर्ट के खुलासे में क्या?
दरअसल अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों द्वारा साझा किए गए एक कूटनीतिक मेमो के आधार पर दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई हालिया हमलों में गंभीर रूप से घायल हुए थे. रिपोर्ट के अनुसार, उनकी स्थिति इतनी नाजुक है कि वे शासन के किसी भी निर्णय की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं.
वहीं इस रिपोर्ट में पहली बार उनके ठिकाने का खुलासा करते हुए बताया गया है कि उन्हें तेहरान से दूर कोम शहर के एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है. ‘द सन’ की एक अन्य रिपोर्ट में तो यहां तक दावा किया गया कि मोजतबा ने हमलों में अपना एक हाथ और एक पैर गंवा दिया है.
क्या मंगलवार रात 8 बजे मचेगी तबाही?
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे खौफनाक चेतावनी दी है. ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर इस समय सीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान में “कोई पुल और कोई बिजली संयंत्र सुरक्षित नहीं बचेगा.
यह भी बता दें कि ट्रंप की इस ‘कयामत वाली धमकी’ ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब देश का सर्वोच्च नेता ही कोमा में है, तो ट्रंप के इस अल्टीमेटम पर जवाब कौन देगा?
क्या यह दावा भी है कोई प्रोपेगेंडा?
ईरान के सरकारी मीडिया भले ही मोजतबा खामेनेई के नाम से संदेश प्रसारित कर रहे हों लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है. उनकी यह रहस्यमयी चुप्पी पश्चिमी खुफिया एजेंसियों के उन दावों को पुख्ता कर रही है कि वे शारीरिक रूप से नेतृत्व करने में अक्षम हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के भीतर सत्ता संघर्ष और भी गहरा सकता है क्योंकि देश के शीर्ष पर एक ‘शून्य’ पैदा हो गया है, जो अमेरिकी हमलों के बीच ईरान को पूरी तरह असुरक्षित बना देता है.
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ईरान की कमान किसके हाथ में?
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि देश की कमान नए सर्वोच्च नेता के हाथों में सुरक्षित है, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. एक तरफ मोजतबा की सेहत को लेकर कोमा के दावे हैं और दूसरी तरफ ट्रंप की विनाशकारी सैन्य कार्रवाई का खतरा. अगर खुफिया रिपोर्ट सच साबित होती है और ट्रंप अपनी धमकी पर अमल करते हैं, तो ईरान के लिए आने वाले कुछ घंटे उसके इतिहास के सबसे काले और विनाशकारी साबित हो सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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