BRICS कंट्रीज पर भन्नाए ट्रम्प: भारत पर 25% तो ब्राजील पर 50% टैरिफ लगाया; रूस पर सबसे ज्‍यादा 500% शुल्क का बिल अमेरिकी संसद में लाए

India US Trade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रूस की अगुवाई वाले व्‍यापारिक संगठन BRICS की उन्‍नति से तमतमा गए हैं. BRICS देशों में भारत, चीन, ब्राजील और रूस शामिल हैं, जिनके खिलाफ ट्रम्प कड़े आर्थिक कदम उठा रहे हैं. ट्रम्प ने पहले भारत पर 25% और ब्राजील पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है.

ट्रम्प की ओर से सोशल मीडिया पर एक के बाद एक पोस्‍ट में भारत और रूस पर निशाना साधा गया. उन्‍होंने भड़काउू बोल बोलते हुए कहा- “भारत डेड इकोनॉमी (मृत अर्थव्यवस्था) है, ये रूसी अर्थव्यवस्था के साथ ही डूब जाए.” उन्‍होंने कहा कि मैं भारत पर 50% टैरिफ लगा रहा हूं और उसको जुर्माना भी देना पड़ेगा. यह फैसला 1 अगस्त 2025 से लागू होगा, जबकि ब्राजील पर नया टैरिफ आदेश 6 अगस्त से प्रभावी होगा.

ट्रम्प ने इन फैसलों के पीछे भू-राजनीतिक और आर्थिक कारणों का हवाला दिया है. जिसमें भारत के मामले में रूस से हथियार और तेल खरीदने के साथ-साथ BRICS संगठन की सदस्यता को प्रमुख वजह बताया गया, जबकि ब्राजील पर टैरिफ पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही कार्रवाइयों के जवाब में लगाया गया है.

 

भारत पर 25% टैरिफ: रूस और BRICS की भूमिका

ट्रम्प ने बुधवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत पर 25% टैरिफ लगाने के फैसले को जायज ठहराया. उन्होंने कहा कि भारत रूस से हथियार और तेल खरीद रहा है, जो अमेरिकी हितों के खिलाफ है. इसके अलावा, उन्होंने BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) को “अमेरिका विरोधी देशों का समूह” करार देते हुए भारत की सदस्यता पर सवाल उठाए. ट्रम्प ने कहा, “BRICS डॉलर पर हमला है, और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा बहुत बड़ा है और भारत का टैरिफ दुनिया में सबसे ज्यादा है. हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पीएम नरेंद्र मोदी के साथ व्यापार वार्ता चल रही है, और भारत टैरिफ में कटौती के लिए तैयार है.

ब्राजील पर 50% टैरिफ: बोल्सोनारो का ‘विच हंट’

ब्राजील के खिलाफ 50% टैरिफ का फैसला ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के समर्थन में लिया है. ट्रम्प का दावा है कि बोल्सोनारो के खिलाफ ब्राजील में चल रही कानूनी कार्रवाइयां “राजनीतिक बदले” की कार्रवाई हैं. इस टैरिफ से ब्राजील की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालने की कोशिश की जा रही है. पहले ब्राजील पर 10% टैरिफ लागू था, जिसे अब बढ़ाकर 50% कर दिया गया है. हालांकि, कुछ आवश्यक वस्तुओं जैसे विमान, उनके पार्ट्स, एल्यूमीनियम, उर्वरक, लकड़ी, ऊर्जा उत्पाद और संतरे के जूस को इस टैरिफ से छूट दी गई है, जिन पर केवल 10% टैरिफ ही लागू रहेगा. यह आदेश पहले 1 अगस्त से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे 6 अगस्त तक टाल दिया गया है.

रूस से व्यापार पर 500% टैरिफ का बिल लाया गया

अमेरिकी संसद में रूस से व्यापार करने पर 500% टैरिफ का बिल लाया गया है. बताया जाता है कि अमेरिकी संसद में लंबित इस बिल को 100 में से 85 सीनेटरों का समर्थन है. यह बिल ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन के सांसद लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सांसद रिचर्ड ब्लूमेंथल लाए हैं. इस बिल पर सितंबर या अक्टूबर में वोटिंग कराई जाएगी. रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सीनेटर रूस के साथ ट्रेड करने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंधों के पक्षधर हैं.

ट्रम्प के फैसले पर भारत-ब्राजील की प्रतिक्रिया

भारत सरकार ने ट्रम्प के टैरिफ फैसले पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है. सरकार ने कहा कि वह इस फैसले के आर्थिक प्रभावों का आकलन कर रही है और देश के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगी. दूसरी ओर, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने इस टैरिफ को खारिज करते हुए कहा कि उनका देश दबाव में नहीं झुकेगा. लूला ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाने की बात भी कही है.

ट्रम्प के फैसलों का वैश्विक व्यापार पर असर

ट्रम्प के इस फैसले से वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ने की आशंका है. भारत और ब्राजील, दोनों ही उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और अमेरिका के साथ उनके व्यापारिक रिश्ते महत्वपूर्ण हैं. भारत पर टैरिफ से खासकर तकनीक, दवा और वस्त्र उद्योग प्रभावित हो सकते हैं, जबकि ब्राजील की कृषि और खनन आधारित अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह टैरिफ युद्ध BRICS देशों के बीच एकजुटता को और मजबूत कर सकता है, जो अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रम्प के कदम से भारत और ब्राजील के साथ व्यापार वार्ता में अब और जटिलताएं बढ़ सकती हैं. भारत के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा कि वह रूस के साथ अपने रणनीतिक संबंधों और अमेरिका के साथ आर्थिक रिश्तों में संतुलन बनाए. वहीं, ब्राजील को बोल्सोनारो विवाद और आर्थिक दबाव के बीच रास्ता तलाशना होगा.

यह भी पढ़िए: अमेरिका ने भारत पर लगाया 25% टैरिफ, Donald Trump बोले- रूस से हथियार-तेल खरीदना ठीक नहीं, इनके टैरिफ दुनिया में सबसे ज्यादा हैं

Bharat Express Desk

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