India Ukraine Relations: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X.com पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM modi) का एक पत्र साझा किया है. यह पत्र यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस (24 अगस्त) के अवसर पर भेजा गया था. पत्र में पीएम मोदी ने भारत की स्वतंत्रता दिवस पर जेलेंस्की के शुभकामना संदेश के लिए धन्यवाद दिया और अपनी ओर से यूक्रेन के लिए भी शुभकामनाएं दीं. यह पत्राचार दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनयिक संबंधों को दर्शाता है, खासकर तब जब यूक्रेन रूस के साथ चल रहे संघर्ष में उलझा हुआ है.
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM modi) ने अपने पत्र में कहा था कि वे भारत के स्वतंत्रता दिवस पर जेलेंस्की के विचारपूर्ण संदेश और शुभकामनाओं के लिए आभारी हैं. उन्होंने यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर जेलेंस्की और यूक्रेन की जनता को अपनी शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने पिछले वर्ष अगस्त में कीव की अपनी यात्रा का जिक्र किया और कहा कि तब से भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक प्रगति हुई है. वे दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं.
पीएम मोदी की 2024 की कीव यात्रा को याद करते हुए पत्र में द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर जोर दिया गया है. पिछले एक वर्ष में दोनों देशों ने व्यापार, तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में वृद्धि देखी है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत शांति के पक्ष में खड़ा है और संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है. यह पत्र ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन संघर्ष से जूझ रहा है, और भारत ने लगातार संवाद और कूटनीति पर जोर दिया है.
पत्र में पीएम मोदी (PM modi) ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है और संघर्ष के शीघ्र, स्थायी तथा शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के माध्यम से समर्थन देने को तैयार है. उन्होंने जेलेंस्की को अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण की शुभकामनाएं दीं तथा यूक्रेन की जनता की प्रगति और समृद्धि की कामना की. यह संदेश भारत की तटस्थ लेकिन सक्रिय विदेश नीति को रेखांकित करता है, जहां वह वैश्विक शांति में योगदान देना चाहता है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक पत्र साझा करते हुए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया और भारत की शांति तथा संवाद के प्रति समर्पण की सराहना की. उन्होंने कहा कि दुनिया इस भयानक युद्ध को गरिमापूर्ण और स्थायी शांति के साथ समाप्त करने का प्रयास कर रही है, और इसमें भारत के योगदान की अपेक्षा है.
जेलेंस्की ने जोर दिया कि कूटनीति को मजबूत करने वाला हर निर्णय न केवल यूरोप बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और उससे आगे की सुरक्षा को बेहतर बनाता है. यह आदान-प्रदान दोनों नेताओं के बीच बढ़ते विश्वास को दिखाता है.
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