America New Visa Rules: भारत और अमेरिका के रिश्तों में हाल ही में टैरिफ वॉर को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है. अब इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को एक और बड़ा झटका दिया है. अमेरिकी सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसका सीधा असर भारतीयों पर पड़ेगा. दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने गैर-आप्रवासी वीजा (NIV) प्रक्रिया को लेकर नया आदेश जारी किया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है.
विदेश विभाग ने शनिवार (6 सितंबर, 2025) को जारी अपने बयान में कहा कि नए निर्देश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे और इन्हें वैश्विक स्तर पर लागू किया जाएगा. विदेश मंत्री ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी दी कि अब सभी नॉन-इमिग्रेंट वीजा आवेदकों को इंटरव्यू अपॉइंटमेंट अपने ही देश में या उस देश में लेना होगा, जहां वे आधिकारिक रूप से रह रहे हैं. यानी अब कोई भी व्यक्ति पड़ोसी देशों या अन्य जगह जाकर जल्दी अपॉइंटमेंट हासिल नहीं कर पाएगा.
अगर आपके मन में भी सवाल है कि नॉन-इमिग्रेंट वीजा क्या है, तो बता दें नॉन-इमिग्रेंट वीजा वह दस्तावेज होता है जिसके जरिए विदेशी नागरिक अस्थायी अवधि के लिए अमेरिका जा सकते हैं. यह वीजा पर्यटन, व्यवसाय, मेडिकल ट्रीटमेंट, अस्थायी नौकरी या पढ़ाई जैसे उद्देश्यों के लिए जारी किया जाता है. इस वीजा के तहत कोई भी व्यक्ति स्थायी तौर पर अमेरिका में बस नहीं सकता है.
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत में अमेरिकी वीजा इंटरव्यू के लिए लंबी वेटिंग देखने को मिली थी. कई बार B1 (बिजनेस) और B2 (टूरिस्ट) वीजा के इंटरव्यू स्लॉट पाने में 2 से 3 साल तक का समय लग रहा था. इस देरी से बचने के लिए हजारों भारतीय नागरिक पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड या सिंगापुर जाकर अपॉइंटमेंट लेते थे. लेकिन नए नियम लागू होने के बाद अब यह विकल्प पूरी तरह बंद हो गया है.
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के अनुसार, विदेश विभाग ने यह बदलाव अपने वीजा इंटरव्यू छूट कार्यक्रम में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए किया है. नए दिशा-निर्देश 2 सितंबर से प्रभावी हो चुके हैं.
इस गाइडलाइन के तहत अब लगभग सभी गैर-आप्रवासी वीजा आवेदकों को व्यक्तिगत तौर पर कांसुलर इंटरव्यू देना अनिवार्य होगा. केवल 14 साल से कम उम्र के बच्चों और 79 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को ही आंशिक छूट दी गई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस नियम का सबसे ज्यादा असर 20 से 45 वर्ष की उम्र के उन भारतीय नागरिकों पर पड़ेगा जो बड़ी संख्या में अमेरिका पर्यटन, नौकरी, कॉन्फ्रेंस और पढ़ाई के लिए जाते हैं. अमेरिका हर साल लाखों भारतीयों को बी1 और बी2 वीजा जारी करता है. ऐसे में इंटरव्यू अपॉइंटमेंट की बढ़ती मांग अब और मुश्किलें खड़ी कर सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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