मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी और दहला देने वाली खबर (US Iran ceasefire crisis) सामने आ रही है. अमेरिका और ईरान के बीच जिस युद्ध को हाल ही में हुए ऐतिहासिक युद्धविराम (Ceasefire) के बाद खत्म माना जा रहा था, वह एक बार फिर पूरी भयावहता के साथ भड़क उठा है. शुक्रवार को अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए.
इसके कुछ ही देर बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइलों से निशाना बनाया है. दोनों महाशक्तियों के बीच इस सीधे टकराव से वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस महा-तनाव की शुरुआत गुरुवार को हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक बेहद महंगे कार्गो जहाज ‘एवर लवली’ पर ईरानी आत्मघाती ड्रोनों ने हमला कर दिया. ईरान ने चार सुसाइड ड्रोनों से जहाज को निशाना बनाया, जिसमें से एक ड्रोन जहाज के ऊपरी हिस्से से टकरा गया.
जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को युद्धविराम का ‘मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’ करार देते हुए व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, “ईरान की यह हिमाकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उसे इसका क्या जवाब मिलेगा, यह आपको जल्द पता चल जाएगा.
ट्रंप की चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ होर्मुज के आसपास मौजूद रडार साइट्स पर ताबड़तोड़ बमबारी कर उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया. इस महा-कार्रवाई के तुरंत बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि अब हिंसा का जवाब सिर्फ और सिर्फ हिंसा से मिलेगा.
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि यह एक सीमित सैन्य कार्रवाई थी, लेकिन जमीन पर हालात बड़े पैमाने पर युद्ध दोबारा शुरू होने का साफ इशारा कर रहे हैं.
अमेरिकी हमलों के बाद बौखलाए ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी रॉकेट और मिसाइल हमले का दावा किया है. ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया’ के प्रवक्ता इब्राहिम अल-फिकार ने कहा कि अमेरिका ने हमला कर के बड़ी गलती की है. अब ईरान इसका जवाब दिए बिना नहीं रहेगा. अगर वाशिंगटन ने फिर कोई हिमाकत की, तो ऐसा विनाशकारी जवाब मिलेगा जो हमलावरों के भ्रम को हमेशा के लिए खत्म कर देगा.
इस ताजा खून-खराबे ने पिछले हफ्ते हुए उस शांति समझौते (US Iran ceasefire) को पूरी तरह वेंटिलेटर पर ला दिया है, जिसके तहत होर्मुज के रास्ते को खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत होनी थी.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…
PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…
India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…
रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…