America Iran News
US Iran Conflict: अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की है. 24 घंटे के भीतर दूसरी बार किए गए इस हमले में अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास मौजूद कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के निर्देश पर यह एयर स्ट्राइक की गई. इस दौरान ईरान के सैन्य निगरानी तंत्र, संचार प्रणाली, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज सेंटर और समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) बिछाने से जुड़ी क्षमताओं को निशाना बनाया गया.
ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, दक्षिणी शहर सिरिक के पास जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई. सैन्य सूत्रों ने बताया कि कई प्रोजेक्टाइल एक दूरसंचार टावर से टकराए. हालांकि, नुकसान और हमले की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
इससे एक दिन पहले भी अमेरिका ने ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया था. जबकि हाल ही में दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी. ऐसे में ताजा हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है. साथ ही अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है.
इससे पहले शुक्रवार को भी अमेरिका ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और रडार ठिकानों पर हमले किए थे. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई.
तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को नई सैन्य कार्रवाई से बचने की सलाह दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका ने उसका पालन किया. अगर किसी बात पर मतभेद है तो उसे बातचीत से सुलझाया जा सकता है, लेकिन हिंसा का जवाब अमेरिका भी सख्ती से देगा.
अमेरिका का दावा है कि ईरान ने शनिवार तड़के पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया, जिससे युद्धविराम समझौते का उल्लंघन हुआ. CENTCOM के मुताबिक, यह टैंकर 20 लाख से ज्यादा बैरल कच्चा तेल लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया.
अमेरिका का कहना है कि शुक्रवार की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम का पालन करने और तनाव कम करने का मौका दिया गया था. लेकिन इसके बजाय उसने नया हमला किया, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की.
-भारत एक्सप्रेस
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