अजब-गजब

मौत के बाद भी सब कुछ सुनता है इंसान? डॉक्टर के इस खुलासे ने उड़ाए दुनिया के होश, जानें क्या कहता है साइंस

Life After Death: मौत के बाद क्या होता है? यह एक ऐसा सवाल है जो सदियों से इंसानों को उलझाए हुए है. कुछ लोग इसे एक गहरी नींद मानते हैं, तो कुछ लोग इसे दूसरी दुनिया का दरवाजा. लेकिन हाल ही में अमेरिका के एक मशहूर डॉक्टर ने इस रहस्य से पर्दा उठाने की कोशिश की है. इसको लेकतर उनका किया गया दावा इतना चौंकाने वाला है कि जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. न्यूयॉर्क के एनवाईयू लैंगोन मेडिकल सेंटर के डॉ. सैम पर्निया की एक नई रिसर्च कहती है कि जब डॉक्टर किसी इंसान को ‘डेड’ यानी मृत घोषित कर देते हैं, उसके बाद भी वह इंसान सब कुछ सुन और महसूस कर सकता है.

मौत के बाद भी जागता रहता है दिमाग

आम तौर पर माना जाता है कि दिल की धड़कन रुकते ही सब कुछ खत्म हो जाता है. लेकिन डॉ. सैम पर्निया ने अपनी रिसर्च ‘लाइफ आफ्टर डेथ’ में इसे पूरी तरह से बदल दिया है. ‘रेससिटेशन’ पत्रिका में छपी इस स्टडी के मुताबिक, दिल के धड़कना बंद करने के बाद भी हमारा दिमाग कुछ समय तक एक्टिव रहता है. इसका मतलब यह है कि तकनीकी रूप से मृत घोषित होने के बाद भी वह व्यक्ति यह सुन सकता है कि उसके आसपास डॉक्टर क्या बातें कर रहे हैं या उसके परिवार वाले किस तरह विलाप कर रहे हैं.

रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव

एक रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. पर्निया ने उन 53 मरीजों पर शोध किया जिन्हें कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आने के बाद मृत मान लिया गया था, लेकिन बाद में वे किसी चमत्कार की तरह फिर से जीवित हो गए. इन मरीजों ने जो बताया, उसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया. कई मरीजों को याद था कि उनके मरने के बाद कमरे में क्या-क्या हुआ. उन्होंने डॉक्टरों की बातें सुनीं और वे यह भी देख सके कि उनके शरीर के साथ क्या किया जा रहा था. डॉ. पर्निया कहते हैं कि इन लोगों को ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अपने शरीर से बाहर निकलकर कमरे में ही कहीं घूम रहे हों और सब कुछ देख-सुन रहे हों.

क्या कहता है साइंस?

जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि दिल रुकने के करीब 35 से 60 मिनट बाद तक दिमाग में गामा, डेल्टा और अल्फा जैसी तरंगों में बढ़ोतरी देखी गई. ये वही तरंगें हैं जो इंसान की सोच, समझ और याददाश्त के लिए जिम्मेदार होती हैं. लंबे समय तक मेडिकल साइंस यह मानता रहा कि ऑक्सीजन की कमी होने पर 10 मिनट के भीतर दिमाग मर जाता है, लेकिन इस शोध ने साबित किया कि दिमाग हमारी सोच से कहीं ज्यादा टिकाऊ है और वह मौत के बाद भी काम करता रहता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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