युगांडा के मूसा हसाहया कसेरा
Uganda Man Big Family Story: क्या आप कभी सोच सकते हैं कि एक शख्स के 102 बच्चे हो? यह सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा लेकिन यह सच है. युगांडा में एक शख्स ने 12 पत्नियों से 102 बच्चे पैदा किए है. उसके बच्चों की लिस्ट इतनी लंबी हो गई कि वह उनके नाम तक भूलने लगा है. इस समस्या को हल करने के लिए उसने सभी बच्चों के नाम रजिस्टर में दर्ज किया है जिसमें सभी बच्चों के नाम नोट किए गए है. इतना ही नहीं इस शख्स के पोते-पोतियों की संख्या जानकर भी आप अपना माथा पकड़ लेगें.
अगर आपको लगता है कि यह कहानी सिर्फ यहीं तक ही है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. ये शख्स सिर्फ 102 बच्चों का पिता ही नहीं बल्कि 578 पोते-पोतियों का दादा और नाना भी है. इस बात का उन्होंने खुद मीडिया के सामने किया है. यह मामला युगांड़ा के पूर्वी हिस्से के मूकीजा गांव का है जहां 70 साल के मुसा कसेरा रहते हैं. इतना बड़ा परिवार होने के कारण उसे बच्चों का पालन-पोषण करने में भी काफी दिक्कते आने लगी है. भुखमरी के बीच उसके लिए घर चलाना भी मुश्किल हो गया है.
मूसा का कहना है कि इतने बड़े परिवार को पालना आसान नहीं है. उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है और कई बार भोजन की कमी भी हो जाती है. मूसा का परिवार युगांडा के पूर्वी हिस्से में मूकीजा गांव में रहता है. उनके पास कुल 20-30 घर है जहां उनका परिवार रहता है. सोशल मीडिया पर मूसा और उनके परिवार की कहानी वायरल हो गई है और लोग इसे देखकर हैरान है.
यह भी पढ़ें: श्मशान घाट में विवाह! बीड़ी कुमारी और कैंसर कुमार की शादी का अजब-गजब निमंत्रण सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
मूसा कसेरा की पत्नियों के बच्चों की औसत निकाली जाए तो वो हर महिला से कम से कम 8 या 9 बार पिता बना है. एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि जब बच्चों की संख्या बढ़ना बंद नहीं हुई तो उसने पत्नियों को गर्भनिरोधक गोलियां देना शुरू कर दिया. मूसा ने अपनी पहली शादी साल 1972 में की थी. तब वो 17 साल के थे. इसके बाद वो एक के बाद 12 महिलाओं के पति बनते चले गए. उन्होंने कभी इस बारे में गौर ही नहीं किया कि इतने बच्चे पैदा होने के बाद वो उनका कैसे ख्याल रखेंगे.
मूसा एक मवेशी व्यापारी और कसाई है. उसको अपने गांव से विवाह प्रस्ताव प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं हुई. उसके बच्चों की उम्र अब 10 से 50 वर्ष के बीच है. उसकी सबसे छोटी पत्नी 35 वर्ष की है. उसकी पत्नियां और बच्चे अक्सर पानी लाने, जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने. पड़ोसियों के घर झाडू लगाने और उन्य घरेलू काम जैसे छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा चलाते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
एशियन गेम्स में भारत को 3 गोल्ड मेडल जिताने वाले कंपाउंड आर्चरी टीम के कोच…
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह…
एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने सीएम योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार…
PM MODI CHENNAI VISIT ON 11 OCTOBER: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को तमिलनाडु के…
लखनऊ के हजरतगंज में कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया…
Uttarkashi Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात 8:07 बजे 4.2 तीव्रता का भूकंप…