अजब-गजब

30 साल इंतजार, सिर्फ एक बार खिलता है ये रहस्यमयी पौधा, फूल आने के बाद हो जाती है मौत

 Sikkim Sundari Rare Plant: प्रकृति अपने भीतर ऐसे कई रहस्य समेटे हुए है, जिन्हें देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते हैं. हिमालय की ऊंची पहाड़ियों में पाया जाने वाला एक दुर्लभ पौधा भी प्रकृति की इसी अनोखी कहानी को बयां करता है. स्थानीय तौर पर ‘सिक्किम सुंदरी’ के नाम से चर्चित इस पौधे की सबसे खास बात यह बताई जाती है कि इसे फूलने में कई साल लग जाते हैं. यह करीब 7 से 30 साल तक इंतजार करने के बाद एक बार फूलता है और फूल आने के बाद इसका जीवन चक्र समाप्त हो जाता है.

सालों तक करता है फूलने का इंतजार

हिमालयी क्षेत्र की ठंडी जलवायु और ऊंचाई वाले इलाकों में यह पौधा बेहद धीमी गति से विकसित होता है. कई वर्षों तक यह सिर्फ अपनी जड़ों, तने और पत्तियों को मजबूत करने में ऊर्जा खर्च करता है. जब पौधे के भीतर पर्याप्त ऊर्जा जमा हो जाती है, तब इसके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होता है और इसमें फूल आने लगते हैं. फूल खिलने के समय इसका स्वरूप बेहद आकर्षक हो जाता है. पौधा कई मीटर तक ऊंचा हो सकता है और उस पर फूलों का बड़ा गुच्छा दूर से ही दिखाई देता है. यही वजह है कि जब यह दुर्लभ पौधा खिलता है तो स्थानीय लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो जाती है.

तीन महीने तक रहती है फूलों की खूबसूरती

फूल आने के बाद इसकी खूबसूरती ज्यादा समय तक नहीं रहती. करीब तीन महीने तक फूल खिले रह सकते हैं. इस दौरान मधुमक्खियां, तितलियां और दूसरे परागण करने वाले कीट इसके आसपास दिखाई देते हैं. परागण के बाद पौधा बीज तैयार करता है और धीरे-धीरे सूखने लगता है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि पौधे की मौत के बाद भी उसकी निशानी लंबे समय तक मौजूद रह सकती है. सूखा तना या बीजों का ढेर कई बार उस जगह पर रह जाता है. स्थानीय समुदाय इसे प्रकृति के विशेष संकेत के तौर पर देखते हैं.

विज्ञान में इसे कहते हैं मोनोकार्पिक पौधा

वैज्ञानिक दृष्टि से ऐसे पौधों को मोनोकार्पिक कहा जाता है. ये पौधे अपने जीवनकाल में सिर्फ एक बार फूलते और बीज बनाते हैं. इसके बाद उनका जीवन चक्र समाप्त हो जाता है. कठिन हिमालयी परिस्थितियों में यह रणनीति पौधे को लंबे समय तक ऊर्जा बचाने और अंत में बड़ी संख्या में बीज तैयार करने में मदद करती है.

यह भी पढ़ें: गैस कनेक्शन को लेकर बड़ा बदलाव, PNG वालों को नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, जानें नए नियम

जलवायु परिवर्तन से संरक्षण की चुनौती

ऐसे दुर्लभ पौधों का अस्तित्व जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के कारण प्रभावित हो सकता है. बदलता तापमान, प्राकृतिक आवास में कमी और पर्यटन का बढ़ता दबाव इनके लिए चुनौती बन सकता है. यही वजह है कि वन विभाग और शोधकर्ता इनके संरक्षण पर जोर देते हैं. स्थानीय स्तर पर इस पौधे को लेकर कई मान्यताएं और किंवदंतियां भी प्रचलित हैं. कुछ समुदाय इसे बेहद शुभ मानते हैं और इसके खिलने को प्रकृति के विशेष संदेश के रूप में देखते हैं. यही कारण है कि जब यह पौधा फूलता है तो लोग दूर-दूर से इसे देखने पहुंचते हैं. सालों का इंतजार और महज कुछ महीनों की खूबसूरती के बाद जीवन का अंत—‘सिक्किम सुंदरी’ प्रकृति के धैर्य, संघर्ष और जीवन चक्र की एक अनोखी कहानी अपने भीतर समेटे हुए है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

Recent Posts

12 महीने के निचले स्तर पर पहुंचे सोना-चांदी के दाम…मचा हाहाकार; क्या खरीदारी का यही है सही वक्त?

कमोडिटी मार्केट में भारी बिकवाली के चलते सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट…

20 minutes ago

1 या 2 नवंबर कब है अहोई अष्टमी? जानिए सही तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर 2026 (रविवार) को रखा जाएगा. इस दिन माताएं संतान…

55 minutes ago

अंतरिक्ष में भारत का नया कदम: NVS-03 सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग से मजबूत होगी ‘नाविक’ प्रणाली

Indian Space Research: इसरो ने रचा नया इतिहास! श्रीहरिकोटा से NVS-03 नेविगेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक…

1 hour ago

राष्ट्रीय एकता दिवस: गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने लौह पुरुष सरदार पटेल को किया नमन

Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti: सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और…

2 hours ago

सरदार पटेल ने आजादी के बाद सिर्फ 1,218 दिन में वो करके दिखाया, जो सबको असंभव लगता था- गृह मंत्री अमित शाह

राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित 'एकता दौड़' के दौरान गृह मंत्री…

3 hours ago

अमेरिका का बड़ा झटका! खत्म होने जा रहा है H-1B वीजा का ‘डेफरेंस’, 10 लाख भारतीयों पर संकट

US Deference Policy: H-1B वीजाधारकों के लिए बुरी खबर: अमेरिका सरकार 'डेफरेंस टू प्रायर अप्रूवल्स'…

3 hours ago