पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंक का तरीका बदल रहा है. नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. डार्क नेट और फेक करेंसी उसका उदाहरण है. प्राइवेट सेक्टर को ऐसे रोकथाम में सहयोग लेना है. तकनीक का इस्तेमाल टेरर को ट्रैक और टैकल करने में करना चाहिए. साइबर क्राइम और रेडिकलाइजेशन ये आतंक का बहुत बड़ा सोर्स है और सारे देशों को साथ आना चाहिए. साइबर क्राइम के जरिए कट्टरता को फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ मुहिम में ग्लोबल मूमेंटम बना रहा है. इस तरह के क्राइम को टैकल करने के लिए सरकारों के बीच समझ होनी चाहिए. साथ में प्रत्यर्पण संधि, ज्वाइंट ऑपरेशन और सहयोग होना चाहिए.
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