आरे फॉरेस्ट मामला में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 84 पेड़ काटने की मंजूरी की मांग आवेदन में की गई. 7 अक्टूबर, 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संग्यान लेकर मामले में महाराष्ट्र सरकार का आश्वासन दर्ज किया था कि भविष्य में कोई पेड़ अगली सुनवाई तक नहीं काटा जाएगा. लेकिन 5 अगस्त, 2022 को अदालत ने मामले को अंतिम सुनवाई के लिए लगाया था. मौजूदा आवेदन में 84 पेड़ काटने की मंजूरी मांगी गई, जो मेट्रो लाइन 3 के लिए है. पहले पेड़ काटे गए थे 2018 में ट्री अथॉरिटी की मंजूरी से, जिनकी संख्या 212 और अब 84 की मंजूरी अदालत से मांगी गई.
एमएमआरसीएल ने 84 पेड़ काटने का आवेदन किया, जो शूटिंग सेगमेंट के लिए है. जबकि याचिकाकर्ता एनजीओ के लंबित आवेदन में आरे फॉरेस्ट एरिया में निर्माण रोकने की मांग की गई. एसजी ने बताया कि प्रोजेक्ट की लागत काफी बढ़ गई, जबकि 95% परियोजना पूरी हो चुकी है. पब्लिक इंटरेस्ट को ध्यान में रखते हुए यह अदालत 84 पेड़ काटने की मंजूरी दे. सुप्रीम कोर्ट एमएमआरसीएल के 84 पेड़ काटने के आवेदन पर ट्री अथॉरिटी को निर्णय लेने की छूट प्रदान करती है.
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