उन्नाव रेप पीड़िता की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को जारी की नोटिस, 6 हफ्ते में मांगा जवाब। कोर्ट 1 मार्च को इस मामले में करेगा अगिला सुनवाई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपी द्वारा दर्ज FIR पर पीड़िता के खिलाफ कोई कार्रवाई ना की जाये। आरोपी द्वारा दर्ज FIR में आरोप लगाया गया है कि पीड़िता और उसकी माँ ने POCSO अधिनियम के तहत अपराध साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पत्र बनवाया था। पीड़िता ने दिल्ली हाइकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका में आरोप लगाया है कि आरोपी द्वारा दर्ज FIR झूठे और परेशान करने वाला है।
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