अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने सोमवार (15 सितंबर) को कहा कि उसे राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (NHLML ) से सोनप्रयाग को केदारनाथ से जोड़ने वाली प्रतिष्ठित रोपवे परियोजना (Sonprayag-Kedarnath Ropeway) के निर्माण के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOA) प्राप्त हुआ है. इस परियोजना पर कुल 4,081 करोड़ रुपये का निवेश होगा.
यह कंपनी की पहली रोपवे परियोजना है, जिसे छह वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा. रोपवे का निर्माण एईएल के सड़क, मेट्रो, रेल और जल (RMRW) प्रभाग द्वारा किया जाएगा. 12.9 किलोमीटर लंबी यह रोपवे परियोजना चालू होने के बाद, यात्रा का समय 9 घंटे की कठिन यात्रा से घटकर केवल 36 मिनट रह जाएगा, जिससे तीर्थयात्रा कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगी.
यह रोपवे प्रति घंटे प्रत्येक दिशा में 1,800 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा, जिससे हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को सेवा मिलेगी. अदाणी पोर्टफोलियो के प्रमुख इनक्यूबेटर के अनुसार, केदारनाथ में प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख तीर्थयात्री आते हैं, जो इस परियोजना के महत्व को दर्शाता है. यह रोपवे राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम – पर्वतमाला परियोजना का हिस्सा है.
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर विकसित इस परियोजना को पूरा होने में छह वर्ष लगेंगे और निर्माण के बाद 29 वर्षों तक एईएल इसका संचालन करेगा. कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ इस परियोजना से क्षेत्र में रोज़गार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा, “केदारनाथ रोपवे एक इंजीनियरिंग परियोजना से कहीं बढ़कर है – यह भक्ति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बीच एक सेतु है.”
गौतम अदाणी ने कहा, “इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित, तेज़ और अधिक सुलभ बनाकर, हम लाखों लोगों की आस्था का सम्मान करते हैं और साथ ही NHLML और उत्तराखंड सरकार के साथ अपनी साझेदारी के माध्यम से उत्तराखंड के लोगों के लिए नए अवसर पैदा करते हैं. यह प्रतिष्ठित परियोजना बुनियादी ढाँचे के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है जो न केवल राष्ट्र की सेवा करती है बल्कि इसके लोगों का उत्थान भी करती है.”
पिछले कुछ वर्षों में, अदाणी एंटरप्राइजेज ने उभरते बुनियादी ढाँचे के व्यवसायों के निर्माण, राष्ट्र निर्माण में योगदान और उन्हें अलग-अलग सूचीबद्ध संस्थाओं में विनिवेश करने पर ध्यान केंद्रित किया है.
इसके रणनीतिक व्यावसायिक निवेशों की अगली पीढ़ी हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र, हवाई अड्डा प्रबंधन, डेटा सेंटर, सड़कों और तांबा व पेट्रोकेमिकल जैसे प्राथमिक उद्योगों पर केंद्रित है – जिनमें से सभी में मूल्य संवर्धन की महत्वपूर्ण गुंजाइश है.
-भारत एक्सप्रेस
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