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कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों का निर्यात 11% बढ़ोतरी के साथ 17.77 अरब डॉलर पहुंचा: DGCIS

वाणिज्यिक खुफिया और सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCIS)  के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई, जो 17.77 अरब डॉलर हो गई. आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 25 के पहले नौ महीनों में चावल का निर्यात पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 6.44 अरब डॉलर की तुलना में 19 प्रतिशत से अधिक की तीव्र वृद्धि के साथ 8.72 अरब डॉलर हो गया.

चावल का निर्यात दिसंबर 2023 में 0.87 अरब डॉलर से 64.03 प्रतिशत बढ़कर दिसंबर 2024 में 1.43 अरब डॉलर हो गया. निर्यातकों को उम्मीद है कि मजबूत वैश्विक मांग के चलते 2024-25 के लिए चावल का निर्यात तेजी से बढ़ता रहेगा.

भारत ने 10.41 अरब डॉलर का चावल भेजा

वित्त वर्ष 2024 में भारत ने 10.41 अरब डॉलर का चावल भेजा. हालांकि, यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.5 प्रतिशत की गिरावट थी. क्योंकि घरेलू बाजार में अनाज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निर्यात पर प्रतिबंध लगाना पड़ा था, ताकि बढ़ती मुद्रास्फीति को नियंत्रित किया जा सके, जो घरेलू बजट पर दबाव डाल रही थी. अप्रैल-दिसंबर के दौरान भैंस के मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 3.64 अरब डॉलर हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024 की इसी अवधि में यह 3.3 अरब डॉलर था.

वित्त वर्ष 2025 के पहले नौ महीनों में ताजे फलों और सब्जियों का निर्यात 5 प्रतिशत बढ़कर 2.65 अरब डॉलर हो गया, और अनाज की तैयारी 10 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2.03 अरब डॉलर हो गई.

केला निर्यात में 10 गुना वृद्धि

केंद्र के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के अनुसार, भारत ने पिछले एक दशक में केले के निर्यात में दस गुना वृद्धि देखी है और अब समुद्री मार्ग से नीदरलैंड को सफल परीक्षण शिपमेंट के बाद अगले पांच वर्षों में 1 अरब डॉलर के केले के निर्यात का लक्ष्य बना रहा है. समुद्री मार्ग खुलने से रूस के भारतीय केले के निर्यात के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में उभरने की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के केले का निर्यात किया, जो 2022-23 में 176 मिलियन अमेरिकी डॉलर से उल्लेखनीय वृद्धि है.

DGCIS द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक केले के निर्यात में देश की हिस्सेदारी 2013 में केवल 0.21 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 1.74 प्रतिशत हो गई है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है. कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने वित्त वर्ष 25 के लिए 26.56 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया है. अन्य कृषि उत्पाद निर्यात में समुद्री, तंबाकू, कॉफी और चाय शामिल हैं.


ये भी पढ़ें: सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान 6 PLI योजनाओं में ₹1,596 करोड़ किए वितरित


-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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