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फर्श से अर्श तक: राजस्थान रॉयल्स के नए मालिक लक्ष्मी मित्तल के बारे में जानें 10 अनसुने तथ्य

Lakshmi Mittal Net Worth: लक्ष्मी मित्तल की यात्रा एक प्रेरणा है. राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) की खरीद के साथ ही उन्होंने खेल की दुनिया में अपनी नई पारी की शुरुआत की है. $28.4$ अरब की नेटवर्थ के साथ वे आज भी भारत के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक हैं.

राजस्थान रॉयल्स की सबसे बड़ी डील

75 वर्षीय लक्ष्मी मित्तल (Lakshmi Mittal) ने हाल ही में खेल जगत में अपनी धाक जमाते हुए राजस्थान रॉयल्स की 75% हिस्सेदारी खरीदी है. यह सौदा वैक्सीन किंग अदार पूनावाला के साथ मिलकर किया गया है. राजस्थान के सादुलपुर में जन्मे मित्तल के लिए अपनी मिट्टी की टीम को खरीदना एक भावनात्मक और व्यावसायिक रूप से बड़ा कदम माना जा रहा है.

शुरुआती संघर्ष और सादा जीवन

आज प्राइवेट जेट और महलनुमा घरों में रहने वाले लक्ष्मी मित्तल का बचपन बेहद साधारण था. उनका मारवाड़ी परिवार राजस्थान में एक छोटे से घर में रहता था. दिलचस्प बात यह है कि कभी उनका 20 लोगों का बड़ा परिवार जमीन पर सोता था और खुले में चूल्हे पर खाना पकता था. उनके नाम का अर्थ ‘धन की देवी’ है, और समय के साथ उन्होंने इसे सच कर दिखाया.

इंडोनेशिया से खड़ा किया वैश्विक साम्राज्य

मित्तल के ‘स्टील किंग’ बनने की शुरुआत 1976 में इंडोनेशिया से हुई. 26 साल की उम्र में उन्होंने वहां अपना पहला स्टील प्लांट लगाया. उनकी सबसे बड़ी खूबी घाटे में चल रही सरकारी मिलों को खरीदकर उन्हें मुनाफे में बदलना रही है. आज उनकी कंपनी ‘आर्सेलरमित्तल’ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी है.

लंदन का महल और बेटी की शाही शादी

लंदन में मित्तल का घर ‘केंसिंग्टन पैलेस गार्डन्स’ दुनिया के सबसे महंगे घरों में से एक है. इसमें वही संगमरमर लगा है, जिसका उपयोग ‘ताजमहल’ बनाने में हुआ था. इसके अलावा, 2004 में उनकी बेटी वनिषा मित्तल की पेरिस में हुई शादी आज भी दुनिया की सबसे महंगी शादियों में गिनी जाती है, जिस पर करीब 60 मिलियन डॉलर खर्च हुए थे.

खेल और समाज सेवा में योगदान

लक्ष्मी मित्तल केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि खेलों के प्रति भी समर्पित हैं. उन्होंने ‘मित्तल चैंपियंस ट्रस्ट’ बनाकर भारतीय एथलीटों की मदद की. साथ ही, उन्होंने लंदन के ग्रेट ओर्मंड स्ट्रीट अस्पताल को 15 मिलियन पाउंड का ऐतिहासिक दान देकर एक नया चाइल्ड सेंटर बनवाया, जो उनकी उदारता का प्रतीक है.

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– भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

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