केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में भारी विद्युत उपकरणों के निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ावे पर चर्चा हुई. बैठक में राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा, वरिष्ठ अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे.
बैठक में घरेलू स्तर पर भारी विद्युत उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति तेज करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई. सरकार का लक्ष्य सतत परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देना है.
बैठक में एच.डी. कुमारस्वामी ने भारत के औद्योगिक विकास पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण के तहत भारत को वैश्विक विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र जीडीपी में 17% का योगदान देता है और यह देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, पूंजीगत वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभाव डाल रहे हैं.
भारी उद्योग मंत्रालय का उद्देश्य तकनीक-प्रधान और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण क्षेत्र को विकसित करना है. इसके लिए सरकार ने भारतीय पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की योजना, फेम (FAME) योजना और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना जैसी योजनाएं लागू की हैं.
अधिकारियों ने बताया कि FY24 तक विनिर्माण क्षेत्र में 2.73 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं. “मेक इन इंडिया” और PLI योजना ने इस क्षेत्र की वृद्धि को तेज किया है. भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) को विद्युत उत्पादन, पारेषण और औद्योगिक समाधानों का प्रमुख योगदानकर्ता बताया गया. BHEL अब सौर और पवन ऊर्जा पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है.
बैठक में भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण क्षेत्र आर्थिक विकास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है. उन्होंने बताया कि मंत्रालय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर सुगम, सतत और समावेशी परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है.
उन्होंने सरकार की FAME-II, पीएम ई-ड्राइव और PLI योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेज़ी लाई जा रही है.
सरकार की नीतियों के चलते 2023 में 15 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 19 लाख हो गए. भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग जीडीपी में 6.8% योगदान देता है और करीब 3 करोड़ नौकरियां पैदा करता है. सरकार की नीति घरेलू EV उत्पादन को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक EV बाजार में अग्रणी बनाने पर केंद्रित है.
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और उनके निर्माण में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्ध है. आने वाले वर्षों में ये योजनाएं भारत को वैश्विक EV हब बनाने में मदद करेंगी.
-भारत एक्सप्रेस
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