बिजनेस

उद्योगों में रोजगार और निवेश में बढ़ोतरी, ASI रिपोर्ट ने बताए अहम आंकड़े

भारत के उद्योग जगत से अच्छी खबर सामने आई है. ताजा वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (Annual Survey of Industries – ASI) के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में उद्योगों में रोजगार 5.92% बढ़कर 1.95 करोड़ तक पहुंच गया. साल 2022-23 में यह आंकड़ा 1.84 करोड़ था. यानी एक साल में ही 11 लाख से ज़्यादा नए रोज़गार जुड़े.

निवेश और उत्पादन में भी बढ़त

सिर्फ रोजगार ही नहीं बल्कि उद्योगों में लगाए गए पूंजी (Invested capital) में भी तेज इजाफा हुआ है. 2022-23 में जहां कुल निवेश 61.39 लाख करोड़ रुपये था वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 68.01 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

इसी तरह उद्योगों का ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) भी 11.9% बढ़ा है. 2022-23 में यह 21.97 लाख करोड़ रुपये था जबकि 2023-24 में यह 24.58 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. सरल भाषा में कहें तो GVA से पता चलता है कि उत्पादन प्रक्रिया से कितनी अतिरिक्त मूल्यवृद्धि हुई है.

पिछले दशक में 57 लाख नौकरियां

रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दस सालों में यानी 2014-15 से 2023-24 के बीच उद्योगों ने 57 लाख से ज्यादा नई नौकरियां पैदा की हैं.

कौन-से उद्योग और राज्य आगे?

GVA के मामले में सबसे आगे जिन उद्योगों का नाम आया है उनमें बेसिक मेटल, मोटर व्हीकल, केमिकल्स और केमिकल प्रॉडक्ट्स, फूड इंडस्ट्री और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं.

वहीं रोजगार देने वाले टॉप 5 राज्यों की लिस्ट में तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं.

क्यों अहम है यह सर्वे?

ASI देशभर की फैक्ट्रियों, बीड़ी-सिगार बनाने वाली इकाइयों, बिजली से जुड़ी यूटिलिटी और बड़े स्तर के रजिस्टर्ड उद्योगों का सर्वे करता है. इसका मकसद है यह जानना कि उद्योगों की रफ्तार, संरचना और योगदान में कैसे बदलाव हो रहे हैं. यही आंकड़े आगे चलकर राष्ट्रीय आय (National Accounts Statistics) और राज्यों के आर्थिक आकलन का अहम हिस्सा बनते हैं.

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साफ है कि साल 2023-24 भारतीय उद्योगों के लिए सकारात्मक रहा. रोजगार और निवेश दोनों मोर्चों पर बढ़त से यह उम्मीद भी बढ़ी है कि आने वाले सालों में इंडस्ट्रियल ग्रोथ और मजबूत हो सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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