भारतीय रेलवे अब एक नई और हरित तकनीक के साथ इतिहास रचने जा रहा है. रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर भारत की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन की झलक साझा की.
इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों, जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन, की सूची में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने इस तकनीक को अपनाया है.
पहली सेवा हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाएगी. इसके लिए खास इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण और ईंधन भरने की पूरी सुविधा एक ही जगह होगी.
इस प्रोजेक्ट के तहत रेलवे पांच हाइड्रोजन फ्यूल सेल बेस्ड टावर कार भी तैयार करेगा, जो ट्रेन के रखरखाव के लिए इस्तेमाल होंगी. हर कार की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये होगी.
जींद में 1 मेगावॉट की पॉलिमर इलेक्ट्रोलाइट मेम्ब्रेन (PEM) इलेक्ट्रोलाइज़र लगाई जाएगी, जो लगातार चलकर रोज़ करीब 430 किलो हाइड्रोजन का उत्पादन करेगी. यह सप्लाई सीधे ट्रेन के लिए होगी.
ये भी पढ़ें- भारतीय खेलों में नया अध्याय, संसद में पास हुआ ‘नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025’
ग्रीनH इलेक्ट्रोलिसिस कंपनी के मुताबिक, जींद में बनने वाला रीफ्यूलिंग स्टेशन 3,000 किलो हाइड्रोजन स्टोर कर सकेगा. इसके साथ हाइड्रोजन कंप्रेसर और दो हाई-स्पीड डिस्पेंसर भी होंगे, जिनमें प्री-कूलर इंटीग्रेशन रहेगा, जिससे ट्रेनों में तेज़ी से ईंधन भरा जा सकेगा.
हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें न सिर्फ प्रदूषण को कम करेंगी, बल्कि रेलवे को डीज़ल और कोयले पर निर्भरता घटाने में मदद करेंगी. यह तकनीक भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है, जो भारत को स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाएगी.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
भोपाल में गृह मंत्री अमित शाह ने देश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य…
इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी और जांबाज भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को…
अहमदाबाद में पीएम मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा सफर पर आधारित 'विकसित गुजरात से…
ग्रेटर नोएडा के दादरी में जीटी रोड पर मरम्मत के दौरान दुकान का लेंटर गिरने…
CM Yogi Adityanath: राजधानी लखनऊ के डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रेक्षागृह में रविवार को अखिल विश्व…
PM Modi Lakshadweep: जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लक्षद्वीप पहुंचे थे. उनकी यात्रा की…