बिजनेस

भारत के वाणिज्यिक वाहन निर्माताओं को दूसरी छमाही में बिक्री में सुधार की उम्मीद

भारत की प्रमुख ट्रक और बस निर्माता कंपनियों Tata Moters, Ashok Leyland और VE कॉमर्शियल ह्वीकल्स को उम्मीद है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बिक्री में सुधार होगा, क्योंकि माल ढुलाई में सुधार, मानसून के खत्म होने के साथ निर्माण और खनन कार्यों की बहाली और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सरकार द्वारा नए सिरे से खर्च किया जाएगा.

Tata Moters के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने कहा कि वाणिज्यिक वाहनों द्वारा किलोमीटर उपयोग, जो सितंबर तिमाही में 17% तक गिर गया था, अक्टूबर में बढ़ गया. उन्होंने कहा कि खरीददारों की बेहतर धारणा, स्थिर डीजल कीमतों और समग्र आर्थिक विकास के साथ-साथ आने वाले महीनों में बेड़े के विस्तार और प्रतिस्थापन में मदद मिलने की उम्मीद है.

अक्टूबर की शुरुआत अच्छी रही

उद्योग के अनुमान के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत अच्छी रही और बिक्री में पिछले साल की तुलना में 6% की वृद्धि हुई तथा क्रमिक रूप से 31% की वृद्धि हुई और यह 1,00,000 यूनिट हो गई. सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) हर तिमाही में वाणिज्यिक वाहनों का थोक डेटा जारी करता है.


ये भी पढ़ें: बैंकों की नजर वित्त वर्ष 2024-25 में इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी कर 1 लाख करोड़ रुपये जुटाने पर: रिपोर्ट


अक्टूबर में ऑटोमोबाइल कंपनी CV की खुदरा बिक्री को त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ता भावना में उछाल से समर्थन मिला. बिक्री ने लगभग पांच वर्षों में मासिक रिकॉर्ड बनाया. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2020 में CV की बिक्री 1,26,133 यूनिट तक पहुंच गई थी. हालांकि, उस समय बिक्री में गिरावट आई थी, क्योंकि ग्राहकों ने भारत स्टेज VI उत्सर्जन मानदंडों में बदलाव से पहले बेहतर कीमतों का लाभ उठाने के लिए अग्रिम खरीददारी की थी.

ट्रकों के उपयोग में सुधार

वाघ ने कहा, ‘जहां तक ​​त्योहारी सीजन की बात है, हमने खपत बढ़ने के कारण ट्रकों के उपयोग में अच्छा सुधार देखा है. वहीं, अक्टूबर बरसात के मौसम के बाद का पहला महीना था. इसलिए हमने टिपर उपयोग (निर्माण और खनन में) में भी वृद्धि देखी है, जो दर्शाता है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने अच्छा प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है.’ उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स को उम्मीद है कि बुनियादी ढांचे पर खर्च में धीरे-धीरे वृद्धि से खपत बढ़ेगी और आगे चलकर मांग बढ़ेगी.

आयशर (Eicher) और वॉल्वो (Volvo) ब्रांड के तहत ट्रक और बसें बेचने वाली VE कॉमर्शियल ह्वीकल्स (VECV) के प्रबंध निदेशक (MD) विनोद अग्रवाल ने कहा कि पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार के नए फोकस से वाणिज्यिक वाहनों की मांग बढ़ेगी.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

संघ की ‘असंतुलित’ टिप्पणी से सत्ता, संगठन और सामाजिक संतुलन की परीक्षा

RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यूजीसी के समानता विनियम-2026 को असंतुलित बताया. संघ…

2 hours ago

चंडीगढ़ से अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला: NDIA ब्लॉक की रैली को बताया सिखों का अपमान

चंडीगढ़ में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए 1984 सिख…

3 hours ago

चौरी-चौरा के बहाने नेहरू पर सीएम योगी का हमला; बोले- 172 क्रांतिकारियों की पैरवी नहीं की, मालवीय ने 151 को फांसी से बचाया

चौरी-चौरा में 288 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री…

3 hours ago

AIIA-iCAINE के 6 साल पूरे: आयुर्वेद और AI को जोड़ने की बड़ी पहल, IIT बॉम्बे के साथ राष्ट्रीय चैलेंज लॉन्च

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के इनक्यूबेशन सेंटर AIIA-iCAINE ने अपने छठे स्थापना दिवस पर…

3 hours ago

डिग्री से मार्कशीट तक, हर जगह सिर्फ Bharat; महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय में India शब्द खत्म, दस्तावेजों में दिखेगा भारत

महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय ने कई बड़े फैसले लिए हैं. अब विश्वविद्यालय की डिग्री…

3 hours ago