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इनकम टैक्स जमा करने वाली महिलाओं की संख्या में जबरदस्त इजाफा, महाराष्ट्र की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी

देश के विकास में अब महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी के साथ आगे आ रही हैं. इसी कड़ी में आकलन वर्ष 2019-20 में भारत में कुल 1.83 करोड़ महिलाओं ने अपना आयकर रिटर्न दाखिल किया और यह संख्या आकलन वर्ष 2023-24 में 25 प्रतिशत बढ़कर 2.29 करोड़ हो गई है.

महाराष्ट्र में बंपर बढ़ोतरी हुई

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि महाराष्ट्र में महिला आईटीआर फाइल करने वालों की संख्या में सबसे ज़्यादा 6.88 लाख की वृद्धि देखी गई है – AY 2019-20 में 29.94 लाख से AY 2023-24 में 36.83 लाख तक. प्रतिशत वृद्धि के मामले में, महाराष्ट्र ने राष्ट्रीय औसत से नीचे 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की.

दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश

इसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है, जहां 4.62 लाख महिलाएं आईटीआर वेब में जुड़ी हैं. राज्य में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है – AY 2019-20 में 15.81 लाख से AY 2023-24 में 20.43 लाख हो गई. गुजरात 4.41 लाख महिला आईटीआर फाइलर के साथ तीसरे नंबर पर है, जो 24 प्रतिशत की वृद्धि है.

आकलन वर्ष 2023-24 में ये राज्य आगे थे

आकलन वर्ष 2023-24 में महाराष्ट्र (36.83 लाख) सबसे ज़्यादा महिला आईटीआर दाखिल करने वाला राज्य था, उसके बाद गुजरात (22.50 लाख) और उत्तर प्रदेश (20.43 लाख) का स्थान था. सबसे कम तीन क्षेत्र लद्दाख (205); लक्षद्वीप (1,125) और मिज़ोरम (2,090) थे.

वित्तीय वर्ष 2019-20 में भी ये राज्य शीर्ष तीन स्थानों पर थे – महाराष्ट्र (29.94 लाख), गुजरात (18.08 लाख) और उत्तर प्रदेश (15.81 लाख). लद्दाख (30), मिजोरम (1,068) और लक्षद्वीप (1,108) सबसे निचले तीन स्थानों पर थे.

लद्दाख में महिला आईटीआर फाइलर्स की संख्या में प्रतिशत के लिहाज से सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला है. केंद्र शासित प्रदेश में AY 2019-20 में सिर्फ 30 महिला आईटीआर फाइलर थीं, जो AY 2023-24 में करीब सात गुना बढ़कर 205 हो गईं. AY 2021-22 में केंद्र शासित प्रदेश में महिला आईटीआर फाइलर्स की संख्या अपने चरम पर थी, जब यह संख्या 269 थी.

यह भी पढ़ें- अर्थव्यवस्था के प्रमुख सेक्टरों की विकास दर अक्टूबर में रही 3.1 प्रतिशत

मिजोरम में, महिला आईटीआर फाइल करने वालों की संख्या निर्धारण वर्ष 2019-20 (1,068) और निर्धारण वर्ष 2023-24 (2,090) के बीच दोगुनी हो गई. आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले व्यक्तियों की संख्या में लगातार वृद्धि, विस्तारित कर आधार और बेहतर कर अनुपालन को दर्शाती है.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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