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NEET UG Counselling का शेड्यूल जारी, चॉइस फिलिंग में भूलकर भी न करें ये 6 बड़ी गलतियां

NEET UG Counselling: अगर आपने भी नीट यूजी 2026 की परीक्षा पास कर ली है और अब एडमिशन का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी खबर है. मेडिकल काउंसिल कमेटी (MCC) ने काउंसलिंग का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके मुताबिक, ऑल इंडिया कोटा की काउंसलिंग 4 अगस्त से शुरू होने जा रही है, जबकि स्टेट कोटा के पहले राउंड की शुरुआत 13 अगस्त से होगी.

काउंसलिंग के इस पूरे प्रोसेस में ‘चॉइस फिलिंग’ यानी अपने मनपसंद कॉलेजों को चुनना सबसे बड़ा और अहम पड़ाव होता है. एक छोटी सी चूक या लापरवाही आपके डॉक्टर बनने के सपने को थोड़ा मुश्किल में डाल सकती है. आइए बहुत ही आसान भाषा में जानते हैं कि चॉइस फिलिंग करते वक्त आपको किन 6 बातों का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि एडमिशन में कोई रुकावट न आए.

पिछले साल के कटऑफ चेक करें

काउंसलिंग में कूदने से पहले आंखें बंद करके कॉलेज मत चुनिए. सबसे पहले पिछले साल का डेटा निकालिए और देखिए कि किस रैंक पर कौन सा कॉलेज मिला था. बिना पूरी रिसर्च के कॉलेज भरना नुकसानदायक साबित हो सकता है.

ज्यादा से ज्यादा विकल्प चुनें

सिर्फ गिने-चुने टॉप कॉलेजों के भरोसे न बैठें. अपनी रैंक के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों को लिस्ट में शामिल करें. कई बार कम विकल्प चुनने की वजह से पहले राउंड में सीट नहीं मिल पाती. अगर आप ज्यादा कॉलेज भरेंगे, तो दूसरे या अगले राउंड्स में आपके पास मौके ज्यादा रहेंगे.

अपनी रैंक के हिसाब से सेट करें प्रायोरिटी

हर कोई देश के टॉप मेडिकल कॉलेज में पढ़ना चाहता है, लेकिन वहां मुकाबला भी बहुत कड़ा होता है. इसलिए पिछले साल के ट्रेंड को समझें और अपनी नीट रैंक के मुताबिक कॉलेजों को प्राथमिकता दें. सही प्रायोरिटी सेट करने से सीट मिलने के चांस काफी बढ़ जाते हैं.

कॉलेज की फीस और सुविधाओं को परख लें

सिर्फ नाम देखकर या घर के पास होने की वजह से किसी कॉलेज को ऊपर न रखें. कॉलेज की फीस स्ट्रक्चर और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में पूरी जानकारी जुटा लें. कई बार भारी-भरकम फीस या सुविधाओं की कमी बाद में स्टूडेंट और परिवार के लिए बड़ा सिरदर्द बन जाती है.

सर्विस बॉन्ड की शर्तों को अच्छे से समझ लें

मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेने से पहले वहां के बॉन्ड रूल्स को जरूर पढ़ लें. कई कॉलेजों में पढ़ाई के बाद या बीच में छोड़ने को लेकर कुछ सख्त नियम और पेनाल्टी बॉन्ड होते हैं. इन्हें बिना पढ़े आगे बढ़ना भारी पड़ सकता है.

समय रहते अपनी चॉइस लॉक करना न भूलें

चॉइस भरने के बाद उसे समय पर लॉक करना सबसे जरूरी काम है. कई स्टूडेंट्स आखिरी वक्त का इंतजार करते हैं और फिर सर्वर डाउन होने, टेक्निकल ग्लिच या पेमेंट फंसने जैसी दिक्कतों की वजह से पिछड़ जाते हैं. समय रहते अपनी चॉइस लॉक करें ताकि काउंसलिंग से बाहर होने का जोखिम न रहे.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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