Bharat Express DD Free Dish

गलवान पर बनी सलमान खान की फिल्म में ऐसा क्या दिखा जो सरकार को लेना पड़ा एक्शन, 40 दिन तक क्यों हुआ री-शूट?

सलमान खान की फिल्म मातृभूमि को सूचना प्रसारण मंत्रालय से NOC मिल गई है. अब CBFC सर्टिफिकेट का इंतजार है.

When will the film be released?

फिल्म कब होगी रिलीज?

सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. इस फिल्म को सरकार की तरफ से NOC मिल गई है. अब बस सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी CBFC की मंजूरी का इंतजार है. यह फिल्म साल 2020 में भारत और चीन के बीच हुए टकराव पर आधारित है. मेकर्स ने फिल्म में कई बड़े बदलाव किए हैं और सरकार ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि फिल्म से किसी भी देश के सम्मान को ठेस न पहुंचे.

I&B मंत्रालय को नए वर्जन से नहीं है कोई ऐतराज

रिपोर्ट्स की मानें तो सूचना और प्रसारण मंत्रालय को मेकर्स की तरफ से दिखाए गए ‘मातृभूमि’ के नए वर्जन पर कोई आपत्ति नहीं है. मंत्रालय ने फिल्म को देखने के बाद उसे NOC दे दी है. NOC मिलने के बाद अब यह वॉर-ड्रामा फिल्म इस साल के अंत में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है.

13 नवंबर को रिलीज करने का बना रहे हैं प्लान

फिल्म की ऑफिशियल रिलीज डेट अभी तक मेकर्स ने अनाउंस नहीं की है. लेकिन सलमान खान और उनकी पूरी टीम इसे 13 नवंबर को बड़े पर्दे पर लाने के बारे में सोच रही है. टीम का मानना है कि दिवाली के बाद वाला फेस्टिव टाइम इस फिल्म की रिलीज के लिए बिल्कुल परफेक्ट रहेगा और दर्शक इस वक्त सिनेमाघरों में ज्यादा आएंगे.

CBFC के पास जल्द जमा होगी फिल्म

फिलहाल फिल्म की सेंसर वाली प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. मेकर्स बहुत जल्द फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पास सर्टिफिकेट के लिए जमा करेंगे. अगर CBFC से मंजूरी मिल जाती है और यह पूरी प्रक्रिया इसी महीने के अंदर खत्म हो जाती है तो सलमान और उनकी टीम फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज करने का प्लान पक्का कर सकते हैं.

NOC और CBFC सर्टिफिकेट दोनों हैं जरूरी

आपको बता दें कि NOC और CBFC की मंजूरी दोनों अलग-अलग चीजें होती हैं. पहले मंत्रालय से NOC लेनी होती है और उसके बाद फिल्म को CBFC के पास भेजा जाता है.

CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही कोई भी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह से तैयार मानी जाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले 10 दिनों के अंदर फिल्म की पूरी स्थिति क्लियर हो जाएगी कि उसे सर्टिफिकेट कब मिलेगा.

सरकार की आपत्ति के बाद बदला गया ओरिजिनल वर्जन

फिल्म जिस घटना पर बनी है वह चीन के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के दौरान हुई थी. लेकिन अब चीन के साथ रिश्ते थोड़े बेहतर हुए हैं, इसलिए सरकार ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी और मेकर्स को उन सीन्स में बदलाव करने की सलाह दी थी.

इसी वजह से ‘मातृभूमि’ को उसके ओरिजिनल वर्जन से काफी ज्यादा बदल दिया गया है. अब फिल्म में भारत और चीन के रिश्तों को एक पॉजिटिव नजरिए से दिखाने की कोशिश की गई है ताकि कोई विवाद न हो.

किस मुद्दे पर बनी है फिल्म?

फिल्म मातृभूमि काफी लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है. यह फिल्म साल 2020 में हुई गलवान झड़प की घटना पर आधारित है. पहले इस फिल्म का नाम ही ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था.

ट्रेलर रिलीज के बाद चीन में हुई थी आलोचना

‘बैटल ऑफ गलवान’ का ट्रेलर 27 दिसंबर को सलमान खान के बर्थडे के मौके पर रिलीज किया गया था. ट्रेलर सामने आते ही चीनी सोशल मीडिया पर सलमान खान की ड्रेस और हेयर स्टाइल को लेकर काफी आलोचना हुई थी. चीनी एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बॉलीवुड फिल्में सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए बनती हैं लेकिन वे इतिहास को नहीं बदल सकती हैं.

40 दिन तक किया गया री-शूट

आलोचना होने के बाद मेकर्स ने फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट करने का फैसला लिया था. करीब 40 दिनों तक फिल्म की री-शूटिंग की गई ताकि कहानी के कुछ हिस्सों को बदलकर उसे और ज्यादा इफेक्टिव बनाया जा सके. इसी वजह से फिल्म की पहले तय की गई रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया गया था. आपत्ति उठने के बाद फिल्म का टाइटल बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया है.

जियो-पॉलिटिकल वजहों से भी देखा गया नाम और रिलीज में बदलाव

फिल्म के नाम और रिलीज डेट में हुए बदलाव को गलवान संघर्ष से जुड़े सेंसिटिव जियो-पॉलिटिकल मुद्दे से भी जोड़कर देखा गया. कुछ रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है.

प्रोडक्शन हाउस का क्या कहना है?

लेकिन प्रोडक्शन हाउस ने इस पर ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि फिल्म की CBFC सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुके होने की जो खबरें उड़ रही हैं वो पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं.

सलमान खान फिल्म्स ने क्या दी सफाई?

सर्टिफिकेट को लेकर तरह-तरह के दावों के बीच सलमान खान फिल्म्स ने अपना बयान जारी कर सफाई दी कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया है. इसलिए ऐसी रिपोर्ट्स पर भरोसा न किया जाए. सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की है कि बिना कंफर्म किए कोई भी जानकारी न फैलाएं. फिल्म से जुड़े सभी ऑफिशियल अपडेट सिर्फ उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे.

फिल्म में नजर आएंगे ये सितारे

फिल्म में सलमान खान लीड रोल में नजर आएंगे. उनके अलावा ‘मातृभूमि’ में चित्रांगदा सिंह, अंकुर भाटिया, अभिलाष चौधरी और जेन शॉ समेत कई कलाकार अहम किरदारों में दिखेंगे. इस फिल्म का डायरेक्शन अपूर्व लाखिया ने किया है.

कैसे काम करता है CBFC?

CBFC यानी सेंसर बोर्ड के पास किसी भी फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए ज्यादा से ज्यादा 68 दिनों का टाइम होता है. सबसे पहले फिल्म के एप्लिकेशन की जांच की जाती है. इसमें करीब एक हफ्ते का समय लगता है. उसके बाद फिल्म को जांच कमेटी के पास भेजा जाता है. जांच कमेटी के पास फिल्म को चेक करने के लिए 15 दिनों का समय होता है.

ये भी पढ़ें-‘स्ट्रीट फाइटर’ के इवेंट में विद्युत ने किया हैरान करने वाला कारनामा, 15 मिनट रोकी सांस

जांच कमेटी फिल्म को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पास भेजती है. सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष फिल्म की जांच के लिए ज्यादा से ज्यादा 10 दिनों का वक्त ले सकता है. इसके बाद 36 दिनों के अंदर सेंसर बोर्ड आवेदक को जरूरी कट्स के बारे में जानकारी देता है और सर्टिफिकेट जारी करता है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read