Jaaiye Aap Kahan Jaayenge: कुछ दिन पहले रिलीज हुई अभिनेता संजय मिश्रा की फिल्म ‘जाइए आप कहां जाएंगे’ एक सामाजिक मुद्दे को केंद्र में रखते हुए यह एक सशक्त कहानी कहती है. फिल्म ग्रामीण भारत में बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं की कमी को उजागर करती है, खासकर जिसका सामना महिलाओं को करना पड़ता है.
फिल्म एक गरीब परिवार के संघर्षों पर प्रकाश डालती है. यह छोटे शहरों और गांवों में शौचालयों की कमी के कारण महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को दर्शकों के सामने रखती है.
फिल्म Jaaiye Aap Kahan Jaayenge की कहानी एक पिता और पुत्र के आपसी रिश्तों पर आधारित है, जो बेहद तनावपूर्ण है. दोनों लगातार एक-दूसरे से झगड़ते रहे हैं. फिल्म के निर्देशक ने पिता-पुत्र इस कटुतापूर्ण संबंधों के बहाने गांव और शहर के सार्वजनिक जगहों पर शौचालय का मुद्दा बेहद मार्मिक तरीके से उठाया है, जिसका सामना विशेष रूप से महिलाओं को करना पड़ता है.
अपनी सीमाओं के बाद बावजूद यह फिल्म एक सार्थक सामाजिक संदेश देने में सफल होती है. यूपी-बिहार सीमा के पास एक छोटे से गांव में सेट की गई यह फिल्म एक पिता नथुनी प्रसाद (संजय मिश्रा) और उसके बेटे किशन (करण आनंद) के बीच बिगड़ते रिश्तों की कहानी बयां करती है.
किशन रिक्शा चलाता है, जबकि उसका पिता नथुनी प्रसाद भूजा मिक्सचर बेचकर अपना गुजारा करता है. दोनों में पटती नहीं. दोनों दिन में अपने-अपने काम पर निकल जाते हैं. दोनों के बीच कटु संबंध होने के बावजूद नथुनी प्रसाद रात में अपने बेटे के रिक्शे पर ही घर में आता है.
पिता और पुत्र के बीच लगातार होने वाली नोकझोंक कई बार हाथापाई तक पहुंच जाती है. नथुनी ने मकान का बंटवारा कर दिया है. इसके एक तरफ वह अपनी पत्नी के साथ रहता है, जबकि दूसरी तरफ किशन अपनी पत्नी फूलमती और बेटी सरस्वती के साथ रहता है.
नथुनी अपने बेटे किशन से इस बात से भी चिढ़ा रहता है, क्योंकि उसने अपने पारिवारिक व्यवसाय भूजा बेचने के काम को जारी नहीं रखा और उसे लगता है कि उसका बेटा अभी भी यह समझ नहीं पा रहा है कि जिंदगी में करना क्या है.
इस बीच कई सालों से गांव में जाति और राजनीति के कारण मेला नहीं लग पाया है. हालांकि, इस बार मेला लग रहा है. किशन के सभी दोस्त मेले में किस तरह की दुकानें लगाना चाहते हैं, इस बारे में अपने आइडिया शेयर करते हैं. किशन को याद आता है कि कैसे एक महिला ग्राहक को गांव में शौचालय खोजने में परेशानी हो रही थी. इसी दौरान वह रेडियो पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का संदेश भी सुनता है और उसे अपने रिक्शे पर मोबाइल शौचालय लगाने का आइडिया सूझता है, ताकि मेले में आने वाली महिलाओं को कोई परेशानी न हो.
हालांकि, उसका पिता नथुनी इस आइडिया को लेकर भी उससे चिढ़ जाता है और उसे भला बुरा सुनाता रहता है. वह इसे शर्मनाक काम बताता है. इस बात को लेकर दोनों के बीच फिर जमकर झगड़ा होता है और नथुनी बेटे किशन को मेले में खुद से ज्यादा कमाने की चुनौती दे देता है. अब इस चुनौती को कौन जीतेगा, यही ‘जाइए आप कहां जाएंगे’ की कहानी है.
फिल्म Jaaiye Aap Kahan Jaayenge के लेखक और निर्देशक निखिल राज सिंह हैं. फिल्म में करण आनंद ने किशन, संजय मिश्रा ने उनके पिता, अद्रिजा ने उनकी बेटी और मोनाल गज्जर ने उनकी पत्नी की भूमिका निभाई है. सहायक कलाकारों में इश्तियाक खान, नीरज सूद, सुब्रत दत्ता और ऋषिता भट्ट शामिल हैं. अभिनय की बात करें तो संजय मिश्रा और करण आनंद ने बेहतरीन अभिनय किया है, जबकि मोनल गज्जर और अद्रिजा सिन्हा ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया है. नीरज सूद और इस्तियाक खान ने भी सहायक कलाकारों के रूप में शानदार काम किया है.
एक इंटरव्यू में अभिनेता संजय मिश्रा ने फिल्म Jaaiye Aap Kahan Jaayenge के बारे में कहा था, ‘हर पिता चाहता है कि उसका बेटा उसके नक्शेकदम पर चले और जीवन में सफल हो. इस फिल्म पिता भी अपने बेटे के लिए यही चाहता है.’
फिल्म के निर्देशक निखिल राज सिंह ने बताया, ‘यह कहानी काफी हद तक मेरे बचपन में देखी गई बातों उससे संबंधित है. मैंने जो समस्याएं देखीं, यह उनसे संबंधित है. मैंने उन्हें मिलाकर यह कहानी लिखी है. इसलिए इस पूरी कहानी में ऐसा कुछ भी नहीं है जो मैंने अपने दिमाग से लिखा हो. मैंने इसे अपने जीवन से अनुभव किया है, मैंने इसे देखा है, मैंने इसे महसूस किया है.’
-भारत एक्सप्रेस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 13 जनवरी से प्रारंभ होने जा रहे प्रयागराज…
महाकुम्भ के सबसे बड़े आकर्षण और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व त्यागने वाले…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को महाकुम्भनगर में डिजिटल मीडिया सेंटर का भी उद्घाटन किया.…
दिल्ली हाई कोर्ट ने भारत में घुड़सवारी खेलों की जमीनी हकीकत की विस्तृत जांच करने…
इस साल गणतंत्र दिवस परेड में विभिन्न झांकियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता,…
हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया NIA के केस RC-15/2024/NIA/DLI में फरार है, जो 1 अक्टूबर…