Yearender 2025: इस साल भारतीय सिनेमा की स्क्रीन पर अभिनेत्रियों का जलवा साफ दिखाई दिया. दमदार अभिनय, मजबूत किरदार और याद रह जाने वाली परफॉर्मेंस के दम पर इन एक्ट्रेसेज ने पूरे साल स्क्रीन पर कब्जा जमाए रखा. कॉमेडी से लेकर सीरीयस ड्रामा और ऐतिहासिक कहानियों तक, हर जॉनर में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. आइए जानते हैं उन अभिनेत्रियों के बारे में, जिन्होंने इस साल फिल्मों में सबसे गहरी छाप छोड़ी.
जान्हवी कपूर ने इस साल अपने अभिनय का लोहा मनवाया. ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ में उनकी कमर्शियल एनर्जी और कॉमिक टाइमिंग ने स्क्रीन पर जान डाल दी. दर्शकों ने उनके किरदार की हर मुस्कान और हर भावनात्मक पल को महसूस किया. इसके बाद ‘परम सुंदरी’ में उनका आत्मविश्वास गजब का रहा. वहीं, ‘होमबाउंड’ में जान्हवी ने सच्चाई और भावनात्मक गहराई से भरे किरदार को निभाया, जिसने दर्शकों के दिलों को छू लिया. यह फिल्म ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट हुई है.
यामी गौतम फिल्म ‘हक’ के जरिए दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरी. इसमें उनका किरदार दृढ़, ईमानदार और भावनाओं से भरा था. दर्शकों की उम्मीदों के मुताबिक, यामी कहानी की आत्मा बनकर सामने आई. लोगों ने उनकी हर छोटी-बड़ी प्रतिक्रिया को महसूस किया. यह फिल्म उनके बारे में स्पष्ट करती है कि वे केवल शोर वाली फिल्मों का चुनाव नहीं करतीं, बल्कि ऐसी कहानी चुनती हैं जो दर्शकों को सोचने और महसूस करने पर मजबूर करे. ‘हक’ ने उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में शामिल किया.
‘धड़क 2’ से तृप्ति डिमरी ने अपने अभिनय की बहुमुखी प्रतिभा साबित की. इस फिल्म में प्यार, दिल टूटने, संघर्ष और जज्बे को उन्होंने इतनी सच्चाई और ईमानदारी से पेश किया कि दर्शक हर सीन में उनकी संवेदनशीलता को महसूस कर सकें. यह फिल्म उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई. तृप्ति ने दिखाया कि बड़े स्तर की कहानी भी बिना भावनात्मक संवेदनशीलता खोए, गहराई और सच्चाई के साथ निभाई जा सकती है.
अनीत पड्डा ने फिल्म ‘सैयारा’ से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई. उनका अभिनय सहज था और भावनाओं से भरा था. उन्होंने अपने किरदार को इतनी खूबसूरती से पेश किया कि दर्शक पूरी कहानी में खो गए. यह फिल्म साबित करती है कि अनीत पड्डा आने वाले समय में सिनेमा की एक बड़ी ताकत बनने जा रही हैं.
इस साल रश्मिका मंदाना दो अलग-अलग शैली की फिल्मों के साथ उभरीं. ‘छावा’ में उन्होंने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में गरिमा, दृढ़ता और संवेदनशीलता के साथ अभिनय किया. वहीं, ‘थामा’ में उन्होंने रोमांस, कॉमेडी, हॉरर और ड्रामा को सहजता से निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाई. दोनों फिल्मों में रश्मिका ने यह साबित किया कि वे किसी भी जॉनर या चुनौतीपूर्ण भूमिका को सहजता और आत्मविश्वास के साथ निभा सकती हैं.
ये भी पढें: बुलेटप्रूफ गाड़ियां छोड़कर तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते दिखे Salman Khan, 60वें जन्मदिन पर दिखा खास अंदाज
-भारत एक्सप्रेस
नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.
1943 के बंगाल अकाल में लाखों लोगों ने भूख और कुपोषण के कारण अपनी जान…
Pawan Hangman on Saurabh Rajput murder convicts death sentence: मेरठ के सौरभ 'नीला ड्रम' हत्याकांड…
Jharkhand 108 ambulance workers protest Ranchi: रांची में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बकाया वेतन और…
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास परियोजनाओं…
उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में अचानक आग लग…
दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व…