फैक्ट चेक

Fact Check: आधार कार्ड दिखाने पर मोदी सरकार दे रही है 1 तोला सोना? जानें वायरल वीडियो का पूरा सच

Fact Check: हम आए दिन ना जाने कितने ऐसे फोटो और वीडियो से दो-चार होते हैं, जिनको हम सच मान लेते हैं. ये फोटो अलग-अलग दावों के साथ शेयर किये जाते हैं. एआई के जमाने में सोशल मीडिया पर झूठ और प्रपंच फैलाना ज्यादा आसान हो गया है. जिसमें दी गई जानकारी ना सिर्फ भ्रामक होती है बल्कि सच का नामो निशान तक नहीं होता.

ऐसे ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें दावा किया गया है कि जिस घर में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं है, उन्हें आधार कार्ड के जरिये एक तोला मुफ्त में सोना दिया जाएगा.

अब क्या हो रहा वायरल?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि जिन घरों में सरकारी नौकरी नहीं है, उस घर के सदस्यों को आधार कार्ड के जरिये एक तोला सोना मुफ्त में मोदी सरकार के द्वारा दिया जा रहा है.

दावे में कितनी है सच्चाई?

सोशल मीडिया पर ‘एक तोला सोना फ्री’ के कैप्शन के साथ वायरल हो रहे इस वीडियो का प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने फैक्ट चेक किया. जिसमें यह दावा फर्जी निकला.

फैक्ट चेक में पीआईबी ने पाया कि यह वीडियो एआई के जरिये तैयार किया गया है और गलत उद्वेश्य के लिए फैलाया गया है. जबकि केंद्र सरकार के द्वारा ऐसे किसी भी योजना की घोषणा नहीं की गई है.

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पीआईबी ने कहा, इंस्टाग्राम पर sanjay_annu_sahu” नामक अकाउंट द्वारा साझा किया गया वीडियो में किया गया दावा फर्जी है. पीएम मोदी का यह वीडियो एआई तकनीक से तैयार किया गया है. केंद्र सरकार ने ऐसी कोई योजना की घोषणा नहीं की है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे फर्जी और सनसनीखेज दावों से सतर्क रहें. किसी भी सरकारी योजना की जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जांचे और असत्यापित कंटेंट शेयर करने से बचें.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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