सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव
Akhilesh Yadav CBI Notice: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. बता दें कि सीबीआई ने अवैध खनन मामले में उनको पूछताछ के लिए बुधवार को नोटिस जारी किया था और गुरुवार को दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय अवैध खनन मामले में गवाही के लिए बुलाया था. उधर सूत्रों के हवाले से खबर सामने आ रही है कि अखिलेश गुरुवार को दिल्ली में सीबीआई के सामने पेश नहीं होंगे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को साल 2019 के जनवरी में दर्ज की गई सीबीआई एफआईआर के संबंध में बुलाया गया है और इस सम्बंध में उनसे पूछताछ की जाएगी. इस मामले में जनवरी 2019 में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट और अन्य सहित कई अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और आरोप लगा था कि सरकारी कर्मचारियों ने ही हमीरपुर में खनिजों का अवैध खनन होने दिया. खबर सामने आई है कि ये एफआईआर 2012-2016 के बीच हमीरपुर में कथित अवैध खनन से संबंधित है.
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खबरों के मुताबिक, इस सम्बंध में 28 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट ने आदेश दिया था और इसी के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज किया था. बता दें कि उस समय डीएम हमीरपुर के साथ ही जियोलॉजिस्ट, माइनिंग ऑफिसर, क्लर्क, लीज होल्डर और प्राइवेट और अज्ञात लोगों के खिलाफ 120 बी, 379, 384, 420, 511. प्रिवेंशन ऑफ करप्शन की धारा 13(1), (d) के तहत केस दर्ज हुआ था.
इस मामले में तभी से सीबीआई जांच-पड़ताल कर रही है. 5 जनवरी 2019 को सीबीआई ने 12 जगहों पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान सीबीआई ने भारी मात्रा में कैश व गोल्ड बरामद किया गया था. तो वहीं इसी मामले में बतौर गवाह सीबीआई ने सीआरपीसी 160 के तहत अखिलेश को बुलाया है, क्योंकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव 2012 से 2017 तक यूपी के मुख्यमंत्री थे. वहीं, 2012 से 2013 तक वह राज्य के खनन मंत्री थे. इस सम्बंध में उनके पूछताछ की जाएगी.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीबीआई नोटिस को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है और कहा है कि, उनको परेशान करने के लिए नोटिस भेजा गया है. इसी के साथ ही अखिलेश ने कहा कि, जब भी चुनाव आता है तो नोटिस भेज दिया जाता है. वह आगे बोले कि, “सपा सबसे ज्यादा निशाने पर है, 2019 में भी मुझे किसी मामले में नोटिस मिला था, क्योंकि तब भी लोकसभा चुनाव था. अब जब चुनाव आ रहा है, तो मुझे फिर से नोटिस मिल रहा है.” इसी के साथ ही अखिलेश ने आगे कहा कि, ” मैं समझता हूं कि जब चुनाव आएगा तो नोटिस भी आएगा. ये घबराहट क्यों है. अगर पिछले दस सालों में आपने बहुत काम किया है तो फिर आप क्यों घबराए हुए हैं.”
-भारत एक्सप्रेस
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