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Lucknow News: LDA के लिए अवैध प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने का साफ हुआ रास्ता, कोर्ट ने दिया आदेश

लखनऊ विकास प्राधिकरण लगातार अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. अकबर नगर में वाणिज्यिक स्थानों के 24 रहने वालों की याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है.

high court

सांकेतिक फोटो

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. हाईकोर्ट ने अकबर नगर में वाणिज्यिक स्थानों के 24 रहने वालों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है और इसी के साथ ही लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के लिए उनके अवैध प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने का रास्ता साफ हो गया है. इसी के साथ ही इलाहाबाद HC की लखनऊ बेंच के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील को मेंशन किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कृपया रजिस्ट्रार जनरल को सूचित करें और दोपहर 2 बजे फिर से आकर मेंशन करें.

बता दें कि कुकरैल नदी पर कब्जा करके बसाए गए अकबरनगर प्रथम और अकबरनगर द्वितीय में एलडीए के द्वारा पहले ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. सोमवार को यहां पर बुलडोजर गरजा. कुकरैल बंधे से एलडीए का पोकलैंड नीचे उतरा और फिर धड़ल्ले के साथ ही नौ पक्के अवैध निर्माण और 19 झोपड़ीनुमा निर्माण को गिरा दिया. तो दूसरी ओर एलडीए ने मौके पर ही 59 लोगों को बसंत कुंज योजना में प्रधानमंत्री आवास आवंटन की पर्ची सौंपकर उनको कब्जा भी दे दिया. तो इसी के साथ ही अवैध कब्जे के मकानों पर एलडीए लगातार कार्रवाई कर रहा है. सोमवार को ही यहां के कई मकानों पर लाल निशाना लगाया गया था और मंगलवार को कार्रवाई की गई. तो वहीं अब कोर्ट के आदेश के बाद अकबर नगर में वाणिज्यिक स्थानों के अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का रास्ता साफ हो गया है.

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एलडीए ने जारी की थी नोटिस

बता दें कि अकबरनगर प्रथम और द्वितीय को मिलाकर 1068 अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण को लेकर एलडीए पहले ही नोटिस जारी कर चुका था. इसके अलावा अयोध्या रोड पर दोनों ओर 101 अवैध व्यावसायिक कांपलेक्स को भी गिराने के लिए आदेश दिए गए हैं. हालांकि हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है. तो वहीं पहले भी इस मामले में हाईकोर्ट ने याचिका करने वालों को छोड़कर शेष अन्य लोगों के अवैध निर्माण को गिराने की अनुमति एलडीए को दे दी थी. इसी के बाद मंडलायुक्त डा. रोशन जैकब, जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह और एलडीए उपाध्यक्ष डा. इंद्रमणि त्रिपाठी ने हाई लेवल मीटिंग की और इसी के बाद ऐसे लोगों को चिन्हित करने का आदेश दिया था जिन्होंने याचिका नहीं की है.

-भारत एक्सप्रेस



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