देश

‘चीन और बदलती वैश्विक व्यवस्था’ पर चर्चा के लिए धर्मशाला में जुटे कार्यकर्ता

Dharamshala (Himachal Pradesh): ‘चीन और बदलती वैश्विक व्यवस्था’ पर 3 दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुनिया भर के कार्यकर्ता हिमाचल प्रदेश के शहर धर्मशाला में एकत्रित हुए. इस दौरान ताइवान जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव, चीनी, हांगकांग, उइगर, मंगोलियाई, कोरियाई, मंचू और तिब्बती बीजिंग की मुखरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन और लागू श्रम पर चर्चा हुई.

कई देशों के बुद्धजीवीयों ने लिया भाग

गुरुवार सुबह से शुरू हुए इस सम्मेलन के दौरान विभिन्न संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा हुई. केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सिक्योंग अध्यक्ष पेन्पा त्सेरिंग ने भी यहां सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लिया. तिब्बत नीति संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन धर्मशाला में किया गया. वहीं ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में स्थित फेडरेशन फॉर डेमोक्रेटिक चाइना (FDC) के अध्यक्ष चिन जिन ने कहा, “यह निकट भविष्य में इस नए राजनीतिक ढांचे में संभावित राजनीतिक चुनौतियों के बारे में चर्चा है. उन्होंने कहा कि, “बीजिंग वास्तव में विश्व शांति के लिए एक वास्तविक खतरा है. इससे राजनीतिक परिवर्तन हो सकता है. ”

चीन की दमनकारी नीतियों का विरोध

पेन्पा त्सेरिंग, सिक्योंग, तिब्बती निर्वासित सरकार के अध्यक्ष ने कहा, “प्रतिभागी मंगोल, पूर्वी तुर्किस्तानिग, मंचू, हांगकांग, ताइवान और तिब्बती हैं, इसलिए वे सभी राष्ट्रीयताएं हैं जो चीन के जनवादी गणराज्य के शासन के तहत पीड़ित हैं. मुझे यकीन है कि चीनी सरकार इस सम्मेलन के हर पहलू पर नजर रख रही है, इसलिए यही मायने रखता है. चीनी सरकार को यह मानना ​​होगा कि ये सारी ताकतें वहां मौजूद हैं और अगर उनकी दमनकारी कार्रवाइयों से कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आता है, तो यह बहुत संभव है कि सभी ये ताकतें भी एक साथ आ सकती हैं.”

इसे भी पढ़ें: कनाडा में इंदिरा गांधी की हत्या के जश्न की कनाडा के उच्चायुक्त ने की निंदा

चीन से बढ़ रहा है खतरा

उईघुर मानवाधिकार परियोजना के एक प्रतिभागी ताशकेन डेवलेटने कहा, “मैं इस निमंत्रण को प्राप्त करने के लिए बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं. सबसे पहले, हमारे पास वैश्विक व्यवस्था को बदलने का यह भव्य विषय है, जो बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम डीसी में हैं और वैश्विक व्यवस्था को बदलते हुए देख रहे हैं. विशेष रूप से चीन और रूस से बढ़ते खतरे और मुझे लगता है कि न केवल यूक्रेन जैसे यूरोपीय देश पर आक्रमण हो रहा है और इस कड़ी में लोग ताइवान के बारे में चिंतित हैं. वहीं अमेरिका आधुनिक दास श्रम के बारे में बहुत संवेदनशील है. इसलिए धीमी गति से लेकिन सब कुछ बदल रहा है. वहीं हम अपनी पसंद की दिशा में बदलाव करने और स्वतंत्रता पाने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं.

Rohit Rai

Recent Posts

सऊदी के आगे लाचार बांग्लादेश! कपल की फांसी पर तारिक रहमान क्यों हैं चुप?

Bangladesh Saudi Arabia Over Death Penalty: मक्का में दो बांग्लादेशी नागरिकों को बिना बताए फांसी…

13 minutes ago

मक्का कांड का रहस्य: फांसी से पहले मस्जिद के अंदर बांग्लादेशी कपल ने किया क्या था?

Mecca Mosque Controversy Facts: मक्का की मस्जिद में कथित अश्लीलता के आरोप में दो बांग्लादेशी…

34 minutes ago

‘चलो शादी कर लेते हैं’: रश्मिका मंदाना ने विजय से 1 साल तक की थी जिद, शो में खुलासा- कम से कम 100 बार पूछा था

Rashmika Mandanna Vijay Deverakonda Koffee With Karan: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने 'कॉफी विद…

58 minutes ago

किश्तवाड़ में SPO हत्याकांड का खुलासा, जमीन विवाद में पिता-पुत्र ने की थी हत्या

किश्तवाड़ में लापता SPO बशीर अहमद की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है.…

1 hour ago