देश

अदाणी समूह ने छत्तीसगढ़ में कोयला ढोने के लिए पहला हाइड्रोजन ट्रक किया तैनात

अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ में कोयला ढोने के लिए अपना पहला हाइड्रोजन ट्रक तैनात किया है, जिसे खनन रसद में डीजल ट्रकों को खत्म करने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है. शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार हाइड्रोजन ईंधन सेल से चलने वाले इस ट्रक का इस्तेमाल गारे पेल्मा III ब्लॉक से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित बिजली संयंत्र तक कोयला ले जाने के लिए किया जाएगा.

राज्य द्वारा संचालित बिजली उपयोगिता ने प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद अदाणी एंटरप्राइजेज को कोयला ब्लॉक के डेवलपर के रूप में नियुक्त किया है. शनिवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की राजधानी रायपुर से ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सीएम साय ने झंडी दिखाने के मौके पर कहा, “ऐसी पहल हमारे कार्बन फुटप्रिंट को काफी हद तक कम करेगी और उद्योग के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी.” “छत्तीसगढ़ न केवल भारत की बिजली की मांगों को पूरा करने में सबसे आगे है, बल्कि संधारणीय प्रथाओं को अपनाने में भी मिसाल कायम कर रहा है.”

5 कंपनियां हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रक विकसित करेगी

अदाणी एंटरप्राइजेज कार्गो परिवहन के लिए एक ऊर्जा टेक्नोलॉजी फर्म और एक भारतीय वाहन निर्माता के साथ हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रक विकसित कर रहा है. इसके पास 200 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी पर 40 टन माल ढोने के लिए तीन हाइड्रोजन ट्रक हैं.

निश्चित रूप से भारत ने खुद ही हाइड्रोजन ट्रकों को 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन के अपने प्रयास के लिए महत्वपूर्ण माना है. अशोक लीलैंड लिमिटेड, आयशर मोटर्स लिमिटेड और टाटा मोटर्स लिमिटेड सहित कम से कम पांच कंपनियों ने भारत के ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना के तहत हाइड्रोजन ईंधन सेल ट्रक विकसित करने की मंज़ूरी हासिल की है.

मार्च में, टाटा मोटर्स ने भारत में हेवी-ड्यूटी हाइड्रोजन ट्रकों का पहला परीक्षण शुरू किया. उनमें से सोलह अब लंबी दूरी के कार्गो परिवहन के परीक्षण के लिए आठ प्रमुख माल ढुलाई गलियारों पर चल रहे हैं.

प्रयास का उद्देश्य “पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार” खनन कार्य

अदाणी एंटरप्राइजेज के लिए उनका हाइड्रोजन ट्रक समूह के “पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार” खनन कार्यों के उद्देश्य से जुड़ा हुआ है. अदाणी एंटरप्राइजेज के प्राकृतिक संसाधनों के सीईओ और निदेशक विनय प्रकाश ने बयान में कहा, “हम ऑटो डोजर पुश तकनीक, सौर ऊर्जा, डिजिटल पहल और पेड़ों को दूसरी जगह लगाने के लिए ट्री ट्रांसप्लांटर को शामिल करके न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव वाली मॉडल खदानें बना रहे हैं.” “हमारा लक्ष्य टिकाऊ खनन प्रथाओं में नए मानकों को आगे बढ़ाते हुए सभी के लिए सस्ती और विश्वसनीय बिजली सुनिश्चित करना है.”


ये भी पढ़ें: अमेठी में मॉडल सोलर विलेज बनाने में अदाणी फाउंडेशन निभा रहा है महत्वपूर्ण भूमिका


-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

Recent Posts

‘₹500 दो वरना गोली मार देंगे…’: इटावा में रंगदारी न मिलने पर दबंगों ने चलाईं गोलियां, 2 घायल

इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…

6 hours ago

दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा, मुंबई और पुणे से गोरखपुर के बीच चलेंगी स्पेशल ट्रेनें

दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…

6 hours ago

अमेरिका का बड़ा फैसला! Infosys-TCS समेत 8 दिग्गज कंपनियां PERM प्रोग्राम से सस्पेंड, H-1B वर्कर्स पर असर संभव

PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…

6 hours ago

UP फतह के लिए BJP-RSS का मास्टरस्ट्रोक, 80 हजार बैठकों के पीछे क्या है प्लान?

UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…

7 hours ago

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में जियो का बड़ा विजन, AI से बदलेगी वॉयस-डेटा सर्विस; 6G में दुनिया को लीड करने का दावा

India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…

7 hours ago

रांची में चौक के नाम पर सियासी बवाल, BJP ने बदला नाम तो कांग्रेस ने रातों-रात उखाड़ा बोर्ड

रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…

7 hours ago