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New Delhi AIIMS: ICU, OT रेडियोलॉजी और लैबोरेटरी सेवाओं में इजाफा, आयुष्मान योजना से हुआ 25000 मरीजों का इलाज, ऐसे बने नए कीर्तिमान

नई दिल्ली-AIIMS भारत के सबसे प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक है, जिसे देशभर में इलाज की उच्चतम गुणवत्ता के लिए जाना जाता है. इस वर्ष तकरीबन 50 लाख लोगों ने OPD में रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से 80% मरीजों ने डिजिटल माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक किया. इस वर्ष में कुल 3 लाख मरीजों की सफल सर्जरी की गई, जो AIIMS की बढ़ती चिकित्सा क्षमता को दर्शाता है.

बेड्स की कमी दूर होगी, VIP लाउंज भी खुलेगा

AIIMS में वर्तमान में 3,600 बेड्स हैं, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अगले साल तक 900 नए बेड्स तैयार किए जा रहे हैं. इसके साथ ही, 2025 के प्रारंभ में 200 बेड्स का नया क्रिटिकल केयर ब्लॉक शुरू होने की योजना है. इसके अलावा, तीमारदारों और मरीजों के आराम के लिए एयरपोर्ट जैसा वीआईपी लाउंज भी जल्द ही खोला जाएगा.

ICU, ऑपरेशन थियेटर और लैब सेवाओं में सुधार

बीते कुछ वर्षों में AIIMS ने अपने ऑपरेशन थियेटर (OT) और आईसीयू की संख्या में वृद्धि की है. ऑपरेशन थियेटर में 50% और आईसीयू में 40% बेड्स की बढ़ोत्तरी की गई है. इसके अतिरिक्त, रेडियोलॉजी और लैब सेवाओं में भी 20% और 25% की वृद्धि हुई है, जिससे मरीजों को जल्दी और प्रभावी उपचार मिल रहा है.

लोगों को मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना के तहत इस साल AIIMS ने 25,000 मरीजों को इलाज प्रदान किया, जिसमें साल दर साल 39.75% की वृद्धि देखी गई. साथ ही, 8 लाख आभा आईडी भी एक्टिवेट की गईं, जिससे मरीजों को योजना का लाभ आसानी से मिल सके.

डॉक्टरों की कमी और भर्ती की योजना

AIIMS में डॉक्टरों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. वर्तमान में AIIMS में 8,400 डॉक्टर हैं जबकि कुल 10,200 डॉक्टरों की आवश्यकता है. इस कमी को पूरा करने के लिए AIIMS जल्द ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि मरीजों की संख्या में वृद्धि के बावजूद इलाज की गुणवत्ता बनी रहे.

नई तकनीक और सुविधाओं का विस्तार

AIIMS ने मरीजों को सस्ती दवाएं प्रदान करने के लिए अमृत फार्मेसी के 4 आउटलेट्स खोले हैं. इसके साथ ही, एसबीआई के सहयोग से कैशलेस कार्ड प्रणाली भी शुरू की गई है, जिससे मरीजों के लिए पेमेंट करना आसान हो गया है. इसके अलावा, AIIMS अब एक “वन रेफरल पॉलिसी” पर काम कर रहा है, जो दूर दराज से आने वाले मरीजों को फॉलोअप के लिए बार-बार दिल्ली आने की आवश्यकता को समाप्त करेगा.

इलेक्ट्रिक वाहन और पर्यावरणीय सुधार

AIIMS ने पर्यावरणीय सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें कैंपस को हरा-भरा बनाना और सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाना शामिल है. इसके साथ ही, AIIMS में मरीजों और तीमारदारों को ले जाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाकर लगभग 50 कर दी गई है.

नई दिल्ली-AIIMS का 2024 में हासिल किया गया ये सफलता के नए कीर्तिमान स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके बढ़ते बुनियादी ढांचे, उन्नत चिकित्सा सेवाओं और नवाचारों से भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.

-भारत एक्सप्रेस

मोहित शुक्ला

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