अखिल भारतीय महिला सम्मेलन (AIWC) एक 95 वर्ष पुरानी राष्ट्रीय स्तर की स्वयंसेवी संस्था है, अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की अध्यक्षता श्रीमती कल्याणी राज जी कर रहीं है. AIWC महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए समर्पित है. भारत के लगभग हर राज्य में इसकी शाखाएँ सक्रिय हैं और हजारों स्वयंसेवक सदस्य महिलाओं के अधिकारों और समग्र विकास के लिए सतत रूप से कार्यरत हैं.
AIWC महिलाओं और लड़कियों के लिए समानता की राह में आने वाली विविध चुनौतियों का समाधान अपने स्वयं विकसित कार्यक्रमों के माध्यम से करती है, जिनमें शामिल हैं:
• जागरूकता अभियान
• कौशल विकास और आय सृजन
• लैंगिक हिंसा के विरुद्ध संघर्ष
• शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना
हम यह समझते हैं कि पर्यावरणीय क्षरण और जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक और असमान प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है. इसलिए लैंगिक न्याय और जलवायु न्याय हमारे कार्यों का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं. AIWC राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवायु नीतियों और उनके क्रियान्वयन में लैंगिक समावेशन को सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है. इन महत्वपूर्ण विषयों पर हमारे शोध, रिपोर्ट्स और प्रकाशन हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं: www.aiwc.org.in.
AIWC ने अपने मुख्यालय को एक हरा और शून्य-कचरा क्षेत्र में बदलने के लिए कई नवोन्मेषी कदम उठाए हैं:
मौसमी फल, सब्ज़ियाँ और मिलेट्स को स्वच्छता पूर्वक सौर ऊर्जा से सुखाकर पैक किया जाता है और बेचा जाता है.
हमारे हॉस्टल और मेस से निकलने वाला संपूर्ण जैविक कचरा कम्पोस्ट में परिवर्तित होता है. तैयार खाद हमारे परिसर में पौधों के लिए उपयोग की जाती है तथा अतिरिक्त खाद बिक्री के लिए दी जाती है.
इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए, हमने सरकार द्वारा अनुमोदित संस्था Hulladek से समझौता किया है. यह केंद्र देश की अन्य शाखाओं में भी संचालित हो रहे हैं.
प्लास्टिक के उपयोग और गलत निपटान पर जागरूकता फैलाने के साथ, AIWC सदस्य प्लास्टिक को अलग कर NDMC के माध्यम से उसका उचित निपटान सुनिश्चित करती हैं.
हॉस्टल, मेस और कार्यालय संचालन हेतु प्रतिदिन लगभग 2500 लीटर पानी का उपयोग होता है. पारंपरिक जल उपचार संयंत्रों की ऊर्जा खपत और रख-रखाव की चुनौतियों के चलते, हमने पुसा संस्थान, दिल्ली के सहयोग से Arundo Donax पौधों द्वारा जल शुद्धिकरण प्रणाली स्थापित की है. इस जल का उपयोग बागवानी और बाहरी कार्यों में किया जाता है.
AIWC के सतत विकास और जलवायु कार्रवाई के प्रति प्रतिबद्धता के तहत, हम अपने कार्यालय और हॉस्टल की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 100 किलोवॉट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर रहे हैं. यह कदम न केवल हमारी ऊर्जा लागत को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के हमारे दीर्घकालिक लक्ष्य को भी मजबूती देगा.
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, इस सौर संयंत्र का औपचारिक उद्घाटन वसंता वड्डे ठाकुर.
वैज्ञानिक ई, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा आज दिनांक 4 जुन 2025 को किया गया.
हम आपके सहयोग और सहभागिता के बहुत आभारी हैं, ताकि हम एक हरित और समान भविष्य की दिशा में मिलकर काम कर सकें.
-भारत एक्सप्रेस
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