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UP Politics: जयंत चौधरी के I.N.D.I.A गठबंधन छोड़ कर जाने पर छलका अखिलेश का दर्द, बोले- “पूछूंगा…”

Lok Sabha Election 2024: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है. इसी के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी जारी है. तो वहीं इंडिया गठबंधन से नाता तोड़कर भाजपा की ओर रुख करने वाले रालोद प्रमुख जयंत चौधरी को लेकर पहली बार सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का बयान सामने आया है. बता दें कि, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने के बाद जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने पीएम मोदी के लिए कहा था ‘दिल जीत लिया.’

इसी के बाद जयंत चौधरी ने भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर कहा था कि जल्द ही घोषणा होगी. तो वहीं राज्यसभा चुनाव में जयंत के 9 विधायकों ने भाजपा को वोट देकर ये पक्का कर दिया है कि वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं. वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अखिलेश का दर्द छलका है और उन्होंने जयंत की दोस्ती को लेकर कहा है कि, “पूछूंगा क्यों चले गए.”

भाजपा से गठबंधन पर जयंत चौधरी से किया गया था सवाल

गौरतलब है कि 2022 में यूपी विधानसभा के दौरान भाजपा के गठबंधन ऑफर पर जयंत चौधरी से सवाल किया गया था. इस पर उन्होंने कहा था कि “मैं कोई चवन्नी नहीं हूं, जो पलट जाऊंगा.” तो वहीं अब जब उन्होंने सपा का साथ छोड़ दिया है और भाजपा खेमे में जा रहे हैं तो वहीं उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ और सपा कार्यकर्ताओं ने उन पर निशाना भी साधा तो वहीं उनके इसी बयान पर अखिलेश यादव का भी बयान सामने आया है.

निजी चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे अखिलेश यादव से जयंत चौधरी की दोस्ती पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि, “अभी दोस्ती क्या है, सपा की वजह से जीत मिली. जयंत चौधरी को राज्यसभा में भिजवाया.” इसी के साथ अखिलेश ने आगे कहा कि, जयंत चौधरी के साथ दोबारा होने पर पूछूंगा कि क्यों चले गए थे.

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रालोद विधायकों का वोट मिलता तो जीत जाते सपा प्रत्याशी

इसी के साथ ही अखिलेश ने कहा कि, अगर रालोद विधायकों का साथ मिलता तो सपा के तीसरे प्रत्याशी को भी जीत मिल जाती. रालोद के विधायकों का वादा था. उन्होंने कहा था कि, एक-एक विधायक ने साथ देने का आश्वासन दिया था. इसी के साथ ही अखिलेश ने कहा कि उनके 9 विधायक थे, फिर भी उनको राज्यसभा भिजवाने का काम किया. इस बार के राज्यसभा चुनाव में रालोद का साथ नहीं मिलने पर अखिलेश यादव का दर्द छलका और कहा कि, 9 वोट मिलने से सपा के राज्यसभा उम्मीदवार की जीत हो जाती. बता दें कि जयंत चौधरी के 9 विधायकों का वोट भाजपा उम्मीदवार संजय सेठ को गया था और यही वजह रही कि, भाजपा के सभी आठो प्रत्याशी जीत गए और सपा के तीन में दो ही जीत सके.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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